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मऊ में लूटकांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार:मेडिकल स्टोर संचालक से हुई थी लूट, बदला लेने की साजिश

मऊ में 9 अगस्त की रात हुई लूट की घटना का पुलिस ने रविवार को 3:30 बजे खुलासा कर दिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने लूटा गया सामान और घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लूटा गया सामान, घटना में इस्तेमाल की गई बाइक, दो अवैध तमंचे और कारतूस बरामद हुए हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जांच में सामने आया कि घटना का मुख्य साजिशकर्ता विकास यादव है, जिसकी सब्जी की दुकान है। कुछ दिन पहले दो अज्ञात युवकों ने विकास यादव के साथ मारपीट की थी। इस दौरान पास स्थित मेडिकल स्टोर संचालक जयप्रकाश मौर्य ने इस घटना पर खुशी जाहिर की थी, जिसे विकास यादव ने सुन लिया था। इसी बात से विकास जयप्रकाश से नाराज हो गया था। पुलिस के अनुसार, विकास यादव ने अपने साथी नितिन और प्रदीप समेत अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जयप्रकाश को सबक सिखाने और उससे लूट करने की साजिश रची। आरोपियों को जानकारी थी कि मेडिकल स्टोर संचालक दिनभर की लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये की बिक्री लेकर दुकान से घर लौटता है। बदला लेने के साथ ही रुपये लूटने की योजना बनाई गई। 9 अगस्त की रात आरोपियों ने तमंचे के बल पर मेडिकल स्टोर संचालक जयप्रकाश मौर्य को रोका और उसके पास से नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, सोने की चेन और मोटरसाइकिल लूट ली। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और साइबर टीम की मदद से आरोपियों की पहचान की। रविवार सुबह पखईपुर अंडरपास के पास से विकास यादव, नितिन और प्रदीप को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से लूटी गई सोने की चेन, घटना में प्रयुक्त टीवीएस बाइक और लूट की रकम में से बची नकदी बरामद की गई है। पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा व कारतूस और एक 12 बोर का तमंचा व कारतूस भी बरामद किया है। एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि आरोपी लूट की रकम आपस में बांट चुके थे और कुछ रुपये खर्च भी कर दिए थे। पुलिस ने शेष रकम बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों में नितिन और प्रदीप के खिलाफ पहले से करीब आधा दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और दोनों पूर्व में जेल भी जा चुके हैं।

पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में एसओजी, सर्विलांस, साइबर टीम, थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। घटना के करीब सात-आठ दिन के भीतर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, चौथा आरोपी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार तलाश कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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