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मां ने जीवित बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया:महोबा में सवा बीघा जमीन हड़पने के लिए रची साजिश

महोबा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला ने अपने ही सात वर्षीय जीवित बेटे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। यह घटना महोबा शहर के नगर पालिका परिषद अंतर्गत महतवानापुरा मोहल्ले की है। महिला पर आरोप है कि उसने सवा बीघा बेशकीमती जमीन हड़पने के लिए यह साजिश रची। बच्चे के पिता, दिवंगत हरीश कुमार चौरसिया ने अपनी मृत्यु के समय आईटीआई कॉलेज के पीछे स्थित यह जमीन अपने इकलौते बेटे पुष्पराज चौरसिया के नाम कर दी थी। पति की मृत्यु के लगभग छह साल बाद, मां रजनी चौरसिया ने अपने भाइयों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर इस योजना को अंजाम दिया। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा नगर पालिका परिषद के तंत्र में सेंध लगाकर जीवित बेटे पुष्पराज का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करवा लिया। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए फर्जी प्रमाण पत्र में बच्चे की आयु 7 माह 16 दिन दर्शाई गई है और मृत्यु की तारीख 3 मार्च 2019 दर्ज की गई। यह मृत्यु प्रमाण पत्र 7 जनवरी 2026 को जारी हुआ। इस साजिश का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के दादा कुंवर बहादुर चौरसिया को इसकी भनक लगी। दादा और दादी हीराबाई चौरसिया ने बच्चे की जान को खतरा बताते हुए एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई है। मासूम पुष्पराज वर्तमान में अपने दादा-दादी के साथ ही रहता है, जो उसकी देखभाल कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि रजनी का भाई रवि गुंडे लेकर घर आता है और जमीन बेचकर पैसों का दबाव बना रहा है। दादा-दादी को अब डर सता रहा है कि कागजों में मृत घोषित हो चुका उनका पोता कहीं हकीकत में न मारा जाए। पीड़ित वृद्ध दादा ने एसडीएम सदर शिवध्यान पांडे से शिकायत दर्ज कराकर बच्चे की सुरक्षा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिस पर प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

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