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कानपुर में क्षत्रिय सम्मेलन, महाना को हराने की शपथ:अयोध्या मार्च पर निकले कांग्रेसी नेता धर्मराज चौहान हिरासत में, कांग्रेसी पुलिस की जीप के आगे लेटे

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कानपुर के रामादेवी चौराहे पर 17 जुलाई को कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद रविवार दोपहर 1 बजे आयोजित क्षत्रिय स्वाभिमान चेतना सम्मेलन में सियासी तेवर तल्ख नजर आए। सम्मेलन में क्षत्रिय समाज के सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए। मंच से विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के खिलाफ राजनीतिक अभियान चलाने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में मौजूद लोगों को महाना को हराने की शपथ भी दिलाई गई। दोपहर 3 बजे चले कार्यक्रम में एक तरफ मंच से पदाधिकारी और वक्ता समाज के लोगों को संबोधित करते रहे, वहीं दूसरी ओर स्क्रीन पर 17 जुलाई को हुई झड़प का वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। वीडियो देखने के बाद सम्मेलन में मौजूद लोगों ने सतीश महाना के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष जारी रखने और आगामी चुनाव में उन्हें हराने का संकल्प लिया। 3 तस्वीर देखिए… इस तरह पूरा मामला समझिए…
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के चंदा चोरी वाले बयान की लेकर कांग्रेसी 17 जुलाई रामादेवी चौराहे पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान पहले से हाथ में लाठी डंडे लेकर खड़े भाजपाई टूट पड़े। दोनों पक्षों के बीच काफ़ी देर झड़प हुई, पुलिस ने बीचबचाव करते हुए दोनों पक्षों को हटाया था। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेसी नेता धर्मराज सिंह चौहान और उनके बेटे भोले को हिरासत में लिया था। जिसको लेकर रविवार दोपहर रामादेवी स्थित एक गेस्ट हाउस में क्षत्रिय स्वाभिमान चेतना सम्मेलन का आयोजन किया। इसके बाद समर्थकों के साथ धर्मराज चौहान अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए नंगे पैर निकले। इसकी भनक लगते ही तीन पुलिसकर्मियों ने रामादेवी चौराहे पर रोकने का प्रयास करते रहे लेकिन कांग्रेसी माने नहीं। धक्का-मुक्की के बीच कांग्रेसी 300 मीटर आगे हरजिंदर नगर चौराहे पहुंचे। जहां भारी संख्या पुलिस बल पहुंचा और कांग्रेसियों को रोकने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस और कांग्रेसी के बीच करीब 10 मिनट तक झड़प और कहासुनी हुई। इसके बाद पुलिस ने धर्मराज को उठाने का प्रयास किया तो वह सड़क पर लेट गए। नारेबाजी और विरोध के बीच पुलिस ने धर्मराज को जीप में बैठाया। इससे आक्रोशित समर्थक जीप के आगे लेट गए। पुलिस ने जीप पीछे करके बढ़े तो कांग्रेसियों ने रोकने का प्रयास किया लेकिन पुलिस उन्हें थाने ले आई। आक्रोशित कार्यकर्ता हरजिंदर से लेकर थाने तक विधानसभा अध्यक्ष और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पहुंचे और थाने के बाहर दर्जनों समर्थक बैठकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस समझाने का प्रयास करती रही लेकिन वह माने नहीं। आखिरकार 20 मिनट बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। पोस्टरों से दिखे राजनीतिक तेवर
सम्मेलन स्थल पर लगाए गए पोस्टरों ने भी कार्यक्रम के राजनीतिक तेवर साफ कर दिए। पोस्टरों पर सत्ता के खिलाफ संघर्ष और आंदोलन से जुड़े नारे लिखे गए थे। एक पोस्टर पर लिखा था.. जुल्मी जब-जब जुल्म करेगा, सत्ता के गलियारों से चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से। इन नारों के बीच सम्मेलन में मौजूद लोगों में खासा जोश दिखाई दिया। चंदा चोरी के आरोप को लेकर शुरू हुआ विवाद
कांग्रेसी नेता धर्मराज सिंह चौहान ने बताया कि 17 जुलाई को वह चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन करने के लिए रामादेवी चौराहे पर कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान कुछ अराजकतत्वों ने उन पर और उनके कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस उन्हें थाने ले गई और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। धर्मराज सिंह चौहान का कहना है कि इस घटना से वह आहत हुए और इसी के विरोध में क्षत्रिय स्वाभिमान चेतना सम्मेलन का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और वह गांव-गांव जाकर लोगों के बीच इस मुद्दे को उठाएंगे। अयोध्या के लिए पैदल यात्रा पर निकले धर्मराज
सम्मेलन समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 3:15 बजे धर्मराज सिंह चौहान अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए पैदल यात्रा पर निकल पड़े। उनके साथ क्षत्रिय समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान समर्थक हाथ में तख्ती लेकर नारेबाजी करते रहें। समर्थकों ने उनके साथ चलकर यात्रा को समर्थन दिया। धर्मराज ने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह गांव-गांव जाकर उनके खिलाफ अभियान चलाएंगे। उन्होंने इसे समाज के सम्मान और न्याय की लड़ाई बताते हुए आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही। यात्रा हरजिंदर चौराहे पहुंचते ही चकेरी पुलिस ने रोकने का प्रयास किया लेकिन वह माने नहीं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया तो वह सड़क पर बैठ गए। इसके बाद पुलिस उन्हें उठाकर जीप में बैठाने लगी तो कार्यकर्ता जीप के आगे लेट गए। पुलिस ने जीप पीछे करके कांग्रेसी नेता को थाने ले आई। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता 3:45 बजे थाने के बाहर इकट्ठा हो गए, गेट के बाहर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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