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गोकुलपुरा में पानी के लिए तरस रहे परिवार:स्वतंत्रता दिवस पर लगाए नेताओं से आजादी के पोस्टर, बोले-दशकों से परेशान हैं

आगरा के गोकुलपुरा में पानी की समस्या से परेशान लोगों ने स्वतंत्रता दिवस पर अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। लोगों ने अपने घरों और दुकानों के बाहर झूठे नेताओं से आजादी के पोस्टर लगाए। उनका कहना है कि क्षेत्र में पिछले कई दशकों से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत और आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में 250 से ज्यादा परिवार रहते हैं। घरों में पानी के कनेक्शन तो हैं, लेकिन पानी की सप्लाई नहीं पहुंचती। लोगों के मुताबिक, क्षेत्र ऊंचाई पर होने के कारण सप्लाई का पानी यहां तक नहीं चढ़ पाता। ऐसे में उन्हें गोकुलपुरा पुलिस चौकी से पानी भरकर लाना पड़ता है। विजय कुमार का कहना है कि वह पिछले 26 साल से नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। समस्या उससे भी पहले से बनी हुई है। हर बार आश्वासन देकर उन्हें टाल दिया जाता है। उनका कहना है कि स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मई में क्षेत्र के लिए अलग पानी की टंकी बनवाने की घोषणा की थी। बताया गया था कि जुलाई से जीआईसी के पास टंकी निर्माण का काम शुरू हो जाएगा, लेकिन अगस्त का एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी मौके पर काम शुरू नहीं हुआ है। 45साल से एक-एक बर्तन में भरकर ला रहे पानी
बुजुर्ग ऊषा पंड्या का कहना है कि वह पिछले चार दशक से पानी की समस्या से जूझ रही हैं। उनके मुताबिक, तब से इलाके के लोग नगर निगम के अधिकारियों, पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। स्थानीय निवासी अनिल कुमार का कहना है कि सिर्फ वह ही नहीं,बल्कि पूरे मोहल्ले के लोग करीब 45 साल से गोकुलपुरा पुलिस चौकी से एक-एक बर्तन पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि पानी की समस्या के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी परेशानी होती है। पानी नहीं मिला तो वोट भी नहीं मिलेगा स्थानीय निवासी रवि वर्मा का कहना है कि वह बचपन से ही पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। उनके मुताबिक, सिर्फ गोकुलपुरा ही नहीं, बल्कि वार्ड 83 के आसपास के क्षेत्र भी पानी की समस्या से प्रभावित हैं। विजय सेन का कहना है कि अब तक जनप्रतिनिधियों से सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। इसी वजह से इस बार विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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