लखनऊ में सावन की फुहारों और हरियाली तीज के उत्सव के बीच रविवार कों महिलाओं ने विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की। केडी सिंह बाबू स्टेडियम स्थित अटल प्रेक्षागृह में करीब 2378 महिलाएं एक जैसी हरी साड़ी और पारंपरिक श्रृंगार में जुटीं। सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे माहौल को सावन के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने हरे परिधान, चूड़ियां, मेहंदी, हरी बालियां और गले में हरे फूलों की माला पहनी। एक हाथ में तुलसी का पौधा और दूसरे हाथ में दीपक या मोबाइल की रोशनी लेकर उन्होंने सामूहिक रूप से रिकॉर्ड के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आयोजन की जिम्मेदारी शिवी शिल्पग्राम की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री व राज्यपाल से सम्मानित महिला उद्यमी पुनीता भटनागर ने संभाली। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड से भी महिलाएं शामिल हुईं। करीब 2400 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया कार्यक्रम के लिए 2100 महिलाओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए करीब 2400 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। आयोजन में करीब 2378 महिलाओं ने एक जैसी वेशभूषा में हिस्सा लेकर सामूहिक प्रस्तुति दी। इस ऐतिहासिक पल की गवाही देने के लिए अंतरराष्ट्रीय गिनीज बुक ऑफ एक्सीलेंस वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रतिनिधि प्रीति सिंह भी लखनऊ शामिल हुईं । कजरी और सावन के गीतों पर थिरकीं महिलाएं प्रयागराज से आई लोक गायिका प्रतिमा मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम में अवधी कजरी, बनारसी कजरी और सावन के पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति दी गई। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं का एक साथ गीतों पर थिरकना बेहद खास अनुभव रहा। अयोध्या से आईं प्रिशा श्रीवास्तव ने बताया कि महिलाओं ने पौधे लेकर और दीप जलाकर कई गतिविधियों में हिस्सा लिया। सभी महिलाएं एक जैसी ड्रेस, हेयरस्टाइल और श्रृंगार में नजर आईं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन का हिस्सा बनकर बहुत अच्छा लगा। नारी शक्ति का संदेश पुनीता भटनागर ने कहा कि सावन हमारी सनातन संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महीना है। हरियाली तीज, कजरी और झूले इसकी खास पहचान हैं। आयोजन का उद्देश्य इन परंपराओं को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना है। उन्होंने आगे बताया कि आगामी 26 जनवरी को 51,000 महिलाओं के साथ एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करूंगी जिसका शीर्षक ‘वंदे मातरम’ होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित करने की योजना है। सुषमा खर्कवाल ने कहा कि लखनऊ के लिए यह गर्व की बात है। इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं का एक साथ जुटना अपने आप में खास उपलब्धि है। आयोजन समिति के मुताबिक प्रदेशभर के महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं ने इसमें भाग लिया। हरे परिधानों, लोकगीतों और सावन की धुनों के बीच पूरा अटल प्रेक्षागृह हरियाली तीज के रंग में रंगा नजर आया।
लखनऊ में विश्व रिकॉर्ड का प्रयास:हरियाली तीज पर 2378 महिलाओं की प्रस्तुति, कजरी और सावन गीतों की धूम

