वृंदावन में शनिवार (15 अगस्त) को भाजपा विधायक अनिल पाराशर और ड्यूटी पर तैनात DSP अमित पाठक के बीच तीखी बहस हो गई। हरियाली तीज पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई थी। सौ शैया तिराहे से सिर्फ परमिशन वाली गाड़ियों को ही आगे जाने दिया जा रहा था। अलीगढ़ की कोल सीट से भाजपा विधायक अनिल पाराशर बांके बिहारी के दर्शन के लिए वृंदावन जा रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 8 बजे उनका काफिला सौ शैया तिराहे पर पहुंचा तो ड्यूटी पर तैनात DSP अमित पाठक ने गाड़ियों की एंट्री को लेकर जानकारी मांगी। इसी बात पर विधायक नाराज हो गए और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। घटना का करीब 1 मिनट 13 सेकंड का वीडियो रविवार को सामने आया है। वीडियो में विधायक अनिल पाराशर पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, डीएसपी काफिले में शामिल गाड़ियों की एंट्री को लेकर जानकारी देने की बात कही। हालांकि, वहां पर मौजूद दूसरे पुलिस अधिकारी ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद विधायक अपनी गाड़ी में बैठकर बांके बिहारी का दर्शन करने के लिए रवाना हो गए। देखिए 2 तस्वीरें… भीड़ को देखते हुए लागू थी ट्रैफिक व्यवस्था दरअसल, हरियाली तीज पर वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने शहर में ट्रैफिक को लेकर व्यवस्था की थी। कई जगह बैरिकेडिंग की गई थी। गाड़ियों की एंट्री पर भी रोक लगाई गई थी। सौ शैया तिराहे पर हाथरस के सिकंदराराऊ सर्कल में तैनात DSP अमित पाठक की ड्यूटी लगाई गई थी। यहां पुलिसकर्मी वाहनों की एंट्री और ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे थे। इसी दौरान अलीगढ़ की कोल सीट से भाजपा विधायक अनिल पाराशर अपने काफिले के साथ वहां पहुंचे। वह वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। DSP अमित पाठक ने विधायक के काफिले में शामिल गाड़ियों को लेकर एंट्री की जानकारी मांगी। इसी बात को लेकर विधायक नाराज हो गए और पुलिस अधिकारी से उनकी बहस शुरू हो गई। विधायक बोले- तानाशाही कर रहे हो विधायक अनिल पाराशर ने पुलिसकर्मियों पर नाराजगी जताते हुए तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि को जनप्रतिनिधि नहीं समझा जा रहा है। इन लोगों ने दिमाग खराब कर रखा है। इसके जवाब में DSP अमित पाठक ने उन्हें तमीज से बात करने के लिए कहा। DSP ने कहा- एंट्री के लिए विधायक की तरह से सिर्फ एक गाड़ी की जानकारी दी गई थी, जबकि काफिले में 3 गाड़ियां हैं। दोनों के बीच कुछ देर तक बहस होती रही। इस दौरान वहां मौजूद एक दूसरे पुलिसकर्मी ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद विधायक अपनी गाड़ी में बैठकर काफिले के साथ वहां से रवाना हो गए। फिलहाल इस मामले को लेकर पुलिस या विधायक की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।
