लखनऊ विश्वविद्यालय अगले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय संवाद के बड़े मंच में बदलने जा रहा है। 23 से 25 अगस्त तक यहां 18वें ब्रिक्स एकेडमिक फोरम में कई देशों के शिक्षाविद, शोधकर्ता और नीति विशेषज्ञ जुटेंगे। 11 देशों के 100 विदेशी प्रतिनिधियों की प्रस्तावित भागीदारी वाले इस आयोजन की तैयारियों को लेकर ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी से मुलाकात की। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों और विश्वविद्यालय में की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता के तहत होने वाले इस फोरम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। यह फोरम विदेश मंत्रालय, ORF और लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया जाएगा। फोरम का विषय ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखा गया है। दुनिया की साझा चुनौतियों पर होगा मंथन फोरम में ब्रिक्स देशों के प्रमुख शिक्षाविद, विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें वैश्विक चुनौतियों, नवाचार, सहयोग, स्थिरता और भविष्य की नीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। फोरम से निकलने वाले नीति संबंधी सुझाव ब्रिक्स के आधिकारिक विमर्श को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राजनीति विज्ञान विभाग संभाल रहा एकेडमिक समन्वय आयोजन की एकेडमिक तैयारियों में लखनऊ विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की अहम भूमिका है। विभागाध्यक्ष प्रो. संजय गुप्ता और डॉ. अमित कुशवाहा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ संवाद, सत्रों के समन्वय और विश्वविद्यालय के शिक्षकों-शोधार्थियों की सहभागिता से जुड़ी तैयारियां देख रहे हैं। ORF ब्रिक्स थिंक टैंक काउंसिल में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख संस्था है। ब्रिक्स एकेडमिक फोरम ट्रैक-II मंच के तौर पर शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और नीति क्षेत्र से जुड़े लोगों को साझा वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का अवसर देता है। सुरक्षा से लेकर ठहरने तक तैयारियों पर चर्चा ORF प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को कार्यक्रम की रूपरेखा, एकेडमिक सत्रों, विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी और विश्वविद्यालय परिसर में प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में सुरक्षा, अतिथि सत्कार, तकनीकी व्यवस्था, आवास, परिवहन, सभागार और सत्रों के सुचारू संचालन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। कुलपति प्रो.जय प्रकाश सैनी ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय को 18वें ब्रिक्स एकेडमिक फोरम की मेजबानी मिलना गौरव की बात है। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को विभिन्न देशों के विद्वानों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन आयोजन को सफल बनाने के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराएगा। स्थानीय विद्यार्थियों को भी मिलेगा मौका यह आमंत्रण आधारित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसमें ब्रिक्स देशों के चुनिंदा शिक्षाविद और नीति विशेषज्ञ शामिल होंगे। स्थानीय विद्यार्थियों और शोधार्थियों की सहभागिता के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की गई है। इच्छुक विद्यार्थी आधिकारिक क्यूआर कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। चयनित रजिस्ट्रेशन की पुष्टि ईमेल के जरिए की जाएगी। लखनऊ में इस फोरम का आयोजन उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय एकेडमिक और नीतिगत संवाद के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर के विशेषज्ञों से संवाद और विचार-विनिमय का अवसर मिलेगा।
11 देशों के 100 विदेशी मेहमान लखनऊ में रहेंगे:लखनऊ विश्वविद्यालय में होगा BRICS का 18वां एकेडमिक फोरम, सीएम करेंगे इनॉग्रेशन

