Site icon News Hub Hindi

26 जनवरी का छुपा इतिहास! कभी इसी दिन मनाया जाता था आजादी का जश्न

26-january-ka-chhupa-itihas-azadi-ka-din

देशभर में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस बड़े ही धूमधाम और गर्व के साथ मनाया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यही तारीख कभी स्वतंत्रता दिवस के रूप में भी मनाई जाती थी। आजादी से पहले यह दिन लोगों के लिए उम्मीद, संघर्ष और क्रांति का प्रतीक था।

आज से करीब 17 साल पहले तक, जब भारत ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी में जकड़ा हुआ था, तब भी 26 जनवरी को देशभर में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता था। क्रांतिकारी इस दिन रैलियां निकालते थे और अंग्रेजों के खिलाफ आजादी का बिगुल फूंकते थे। यह तारीख लोगों के दिलों में आजादी की लौ जलाए रखती थी।

कानपुर के इतिहासकार अनूप शुक्ल के अनुसार, वर्ष 1929 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में ‘पूर्ण स्वराज’ का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया। इसका अर्थ साफ था—अब देश आधी-अधूरी नहीं, बल्कि पूरी आजादी चाहता है। इसी अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी 1930 को पूरे देश में आजादी की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

यहीं से 26 जनवरी भारतीय इतिहास की सबसे अहम तारीखों में शामिल हो गई। बाद में आजादी मिलने के बाद इसी दिन संविधान लागू हुआ और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में हमेशा के लिए दर्ज कर दिया गया।

Exit mobile version