यूपी के अफसर की सरकारी गेस्ट हाउस में लाश मिली:कमरा अंदर से बंद था, दरवाजा तोड़कर घुसी मध्य प्रदेश पुलिस

बाराबंकी के रहने वाले सीनियर इनकम टैक्स ऑफिसर की मध्य प्रदेश में गुरुवार रात मौत हो गई। उनकी कटनी में बंद कमरे में लाश मिली है। वह आयकर विभाग के रेस्ट हाउस में ठहरे थे। बिस्तर पर शव पड़ा था। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शरीर पर चोट के निशान भी नहीं हैं। घटनास्थल माधवनगर के बरगवां में है। माधवनगर पुलिस सूचना पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर गई। वहां कमरे में बेड पर अधिकारी अचेत पड़े थे। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान वरिष्ठ आयकर अधिकारी मानवेंद्र प्रताप सिंह के रूप में की गई है। वह मूलरूप से बाराबंकी के निलालडिया असंदा के रहने वाले विजेंद्र प्रताप सिंह के बेटे थे। कटनी में उनकी पोस्टिंग थी। कई बार खटखटाया दरवाजा, लेकिन नहीं खुला माधवनगर पुलिस के मुताबिक, सुबह सरकारी ड्राइवर मानवेंद्र प्रताप सिंह के कमरे पर कार की चाबी लेने पहुंचा था। उसने कई बार बेल बजाई और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई। इस दौरान कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। कर्मचारियों ने फौरन पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही माधवनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर अधिकारी बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। सुसाइड नोट नहीं मिला, चोट के निशान भी नहीं पुलिस की शुरुआती जांच में कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। अधिकारी के शरीर पर चोट के कोई निशान भी नहीं मिले हैं। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण साइलेंट अटैक माना जा रहा है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। 2024-25 में हुई थी कटनी में हुई थी पोस्टिंग मानवेंद्र प्रताप सिंह की पोस्टिंग 2024-25 में आयकर विभाग के कटनी कार्यालय में हुई थी। जॉइनिंग के बाद से वह बरगवां स्थित विभागीय गेस्ट हाउस में ही रह रहे थे। शादीशुदा थे। उनका परिवार बाराबंकी में रहता है और वह कटनी में अकेले रह रहे थे। पोस्टमॉर्टम के बाद होगा मौत का खुलासा माधवनगर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। परिजन को सूचना दे दी गई है। परिजन के कटनी पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अधिकारी की मौत की सही वजह सामने आएगी। —————————— यह खबर भी पढ़िए… लखनऊ हत्याकांड-मैनेजर पत्नी ने डेढ़ करोड मांगे थे : ननद के साथ रहना नहीं चाहती थी, 2 दिन में असलहे खरीदे, 50 मिनट में सब खत्म किया लखनऊ हत्याकांड… 2 दिन रेकी, 30 मिनट में 2 हत्याएं और सुसाइड। पुलिस की शुरुआती जांच में वारदात की 2 वजहें सामने आई हैं। पहली- बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर दिव्या मिश्रा तलाक के लिए डेढ़ करोड़ रुपए एलिमनी मांग रही थी। दूसरी- दिव्या, मानस की मानसिक रूप से बीमार बहन के साथ नहीं रहना चाहती थी। (पूरी खबर पढ़िए)

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