‘बच्चे होने के बाद पता चला पति पहले से शादीशुदा’:उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या बोलीं- FIR वापस नहीं लूंगी, मैंने भ्रष्टाचार किया तो सबूत दें

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पति गिरधारी लाल से जुड़े विवाद पर अस्पताल के बेड से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शनिवार को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि गिरधारी लाल ने उनसे पहली शादी की बात छिपाई थी। शादी और बच्चे होने के बाद उन्हें इसकी जानकारी मिली थी। पति की ओर से करीब 210 करोड़ रुपए की कथित अवैध संपत्ति के आरोप पर रेखा आर्या ने कहा कि उनकी संपत्तियों का ब्योरा चुनावी हलफनामों में सार्वजनिक होता रहा है। उन्होंने कहा कि 2003, 2012, 2014 और 2022 में उनकी संपत्तियों का विवरण दिया गया है। 2027 में भी चुनाव लड़ने का मौका मिला तो संपत्तियों का ब्योरा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी को फिर भी संदेह है तो जांच करा ली जाए। रेखा आर्या ने पति की ओर से लगाए गए आरोपों और शिकायत वापस लेने की बात को जोड़ते हुए इसे ‘मीठी धमकी’ बताया। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी शिकायत पुलिस को दे दी है और अब पुलिस तथ्यों के अनुसार कार्रवाई करेगी। शादी के समय नहीं पता था कि पति पहले से शादीशुदा हैं रेखा आर्या से पूछा गया कि अगर उनके पति पहले से शादीशुदा थे तो उन्होंने करीब 22 साल बाद यह मामला क्यों उठाया। इस पर रेखा आर्या ने कहा कि उन्होंने अपनी तहरीर में यह नहीं कहा कि उन्हें शादी के समय पति की पहली शादी के बारे में जानकारी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें विवाह से पहले इस बात का पता नहीं था। रेखा आर्या के मुताबिक, बच्चे होने के बाद उन्हें पति की पहली शादी के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पारिवारिक और भावनात्मक स्तर पर कई बार बातचीत हुई और चीजों को संभालने की कोशिश की गई। UCC के उल्लंघन पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी रेखा आर्या से उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रावधानों को लेकर सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि अगर पति की पहली शादी का मामला सामने आता है तो क्या वह इसके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करेंगी। इस पर रेखा आर्या ने कहा कि उन्होंने अपनी तहरीर पुलिस को दे दी है। अब शिकायत में सामने आए तथ्यों के अनुसार पुलिस जो भी कार्रवाई करेगी, वह उसी प्रक्रिया का हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि मामला UCC के उल्लंघन से जुड़ा हो या किसी अन्य प्रावधान के उल्लंघन से, पुलिस को तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना है। मैं परेशान हो गई थी, इसलिए ये फैसला लिया रेखा आर्या ने कहा कि उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा था। उनका उद्देश्य निजी जीवन की घटनाओं को सार्वजनिक करना और महिलाओं को घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश देना था। उन्होंने कहा, सारी चीजें, जैसा आपने कहा कि मेरी व्यक्तिगत जिंदगी है और व्यक्तिगत जीवन की घटनाएं थीं, जो आज पब्लिक डोमेन में आ चुकी हैं। उसे पब्लिक डोमेन में लाने के पीछे मेरा उद्देश्य था कि मैं स्वयं भी जनप्रतिनिधि हूं। तीन बार की विधायक और दो बार की मंत्री हूं। कई विभागों का दायित्व देखती हूं। रेखा आर्या ने कहा कि आम महिलाएं अक्सर समाज और रिश्तेदारों के डर से घर में होने वाली परेशानियों को सहन करती रहती हैं। उन्हें चिंता रहती है कि समाज क्या कहेगा, रिश्तेदार क्या सोचेंगे और परिवार के बारे में लोगों की क्या राय बनेगी। उन्होंने कहा कि जब खुद उनके सामने ऐसी स्थिति आई तो उनके मन में भी सवाल थे कि लोग क्या कहेंगे, उनका राजनीतिक भविष्य क्या होगा और मीडिया इस मामले को किस तरह उठाएगा। इसके बावजूद उन्होंने शिकायत करने का निर्णय लिया। मुझे उत्तराखंड पुलिस पर भरोसा है प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रेखा आर्या से पूछा गया कि वह खुद एक मंत्री हैं और दूसरी महिलाओं को न्याय के लिए लड़ने की सलाह देती रही हैं। ऐसे में उनके अपने मामले को लेकर उठ रहे सवालों के बीच दूसरी महिलाओं को न्याय मिलने का भरोसा कैसे होगा? इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने जो निर्णय लिया है, उसी के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ने का संदेश देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि वह चुप नहीं बैठीं और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया अपनाई है। रेखा आर्या ने कहा कि उन्हें उत्तराखंड पुलिस पर भरोसा है। उन्हें उम्मीद है कि पुलिस उनके मामले में भी निष्पक्ष तरीके से काम करेगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए कार्रवाई करेगी। अंकिता केस पर बोलीं- दोषी को सजा मिलेगी रेखा आर्या से अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भी सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि जब इस मामले में भी महिलाओं की सुरक्षा और न्याय को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी महिलाओं को न्याय की उम्मीद कहां से करनी चाहिए। इस पर रेखा आर्या ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार के साथ पूरी पार्टी खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि परिवार के प्रति उनकी पूरी संवेदना है और वह उनके परिवार का हिस्सा हैं। रेखा आर्या ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार की भावनाओं के अनुरोध पर ही मामले की CBI जांच का विषय आगे बढ़ा था। उन्होंने कहा कि जब जांच चल रही हो तो उसके दौरान किसी तरह की टिप्पणी करने के बजाय जांच की प्रक्रिया पूरी होने देनी चाहिए। उन्होंने कहा, जो दोषी होगा उसको सजा मिलेगी। रेखा आर्या ने कहा कि दोषी को सजा मिलनी चाहिए और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी। शिकायत वापस लेने के लिए पति ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गिरधारी लाल साहू की ओर से रेखा आर्या पर करीब 210 करोड़ रुपए की कथित अवैध संपत्ति जुटाने के आरोप पर भी सवाल पूछा गया। इस पर रेखा आर्या ने कहा कि उन्होंने पति की ओर से जारी वीडियो और उसमें कही गई बातें सुनी हैं। उनके मुताबिक, वीडियो में शिकायत वापस लेने की बात भी कही गई है और उसी के साथ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। रेखा आर्या ने कहा, उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत वापस लेने की बात के साथ भ्रष्टाचार के आरोप जोड़कर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। रेखा आर्या ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन 2003 में जिला पंचायत सदस्य बनने के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़ा और आगे राजनीति में काम किया। दस्तावेजों और घर के पते के दुरुपयोग की शिकायत की थी प्रेस वार्ता में रेखा आर्या से कल्पना मिश्रा का नाम सामने आने और साल 2024 में उनके खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि 2024 में उनकी शिकायत का विषय दस्तावेजों और उनके घर के पते के कथित दुरुपयोग से जुड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि संबंधित महिला उनके दस्तावेजों और पते का गलत इस्तेमाल कर रही थी। रेखा आर्या ने कहा कि उस शिकायत में एक वाहन के इस्तेमाल का मुद्दा भी शामिल था। उनके मुताबिक, वाहन पर उत्तराखंड सरकार से संबंधित बोर्ड और हूटर आदि लगे होने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि उस समय जो बातें उनके संज्ञान में आई थीं, उनके आधार पर FIR दर्ज कराई गई थी। अब सामने आए कथित ऑडियो को लेकर उन्होंने कहा कि उसमें कुछ बातों का जिक्र होने से उन्हें पूरे घटनाक्रम को नए सिरे से देखने की जरूरत महसूस हुई। रेखा आर्या के मुताबिक, ऑडियो सामने आने के बाद उन्हें कुछ ऐसी बातें सुनने को मिलीं, जिनसे मामले को लेकर उनकी आशंकाएं बढ़ीं। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पहले से दर्ज FIR के बाद अब 10 सदस्यीय SIT कर रही जांच रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू के विवाद में पुलिस ने एसपी देहात जया बलूनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की है। रेखा आर्या की शिकायत पर 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में FIR दर्ज की गई थी। मंत्री ने पति पर मारपीट, प्रताड़ना, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने समेत कई आरोप लगाए हैं। शिकायत में कथित ऑडियो के आधार पर हत्या की साजिश का आरोप भी शामिल है। पुलिस ने सामने आए ऑडियो को जांच के लिए लैब भेजा है। राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। दूसरी ओर, गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को निराधार बताते हुए ऑडियो को AI से बनाया गया फर्जी ऑडियो बताया है और रेखा आर्या पर 210 करोड़ रुपए की कथित अवैध संपत्ति जुटाने का आरोप लगाया है। अब पुलिस जांच में ऑडियो की प्रामाणिकता, शिकायत में लगाए गए आरोपों और दोनों पक्षों की ओर से किए गए दावों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। —————- ये खबर भी पढ़ें : मंत्री रेखा आर्या केस में SIT करेगी जांच,ऑडियो लैब भेजे:210 करोड़ की संपत्ति के दावे पर भी उठे सवाल, महिला आयोग ने लिया संज्ञान उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी से जुड़े विवाद में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की पड़ताल के लिए एसपी देहात जया बलूनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है। पढ़ें पूरी खबर…

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