पश्चिम बंगाल विधानसभा के वॉशरूम में मिला कैंटीन कर्मचारी का शव

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हड़कंप

पश्चिम बंगाल विधानसभा से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। विधानसभा परिसर के अंदर स्थित कैंटीन में काम करने वाले एक 46 वर्षीय कर्मचारी का शव सोमवार सुबह वॉशरूम से बरामद किया गया। इस घटना के बाद से विधानसभा परिसर और कर्मचारियों के बीच सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान उमेश चंद्र दास के रूप में हुई है, जो पिछले लंबे समय से विधानसभा परिसर से जुड़े हुए थे और यहीं अपनी सेवाएं दे रहे थे।

वॉशरूम में कैसे मिला शव

घटना की जानकारी देते हुए कोलकाता पुलिस के एडिशनल सीपी (क्राइम) कुणाल अग्रवाल ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच जब ड्यूटी पर अन्य कैंटीन कर्मचारी पहुंचे, तो उन्होंने उमेश चंद्र दास को उनके कमरे में नहीं पाया। इसके बाद साथी कर्मचारियों ने उनके कमरे के आसपास तलाश की और वॉशरूम की तरफ गए। वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद था और काफी खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तो कर्मचारियों को शक हुआ।

साथी कर्मचारियों ने खिड़की से झांककर देखा तो उमेश चंद्र दास फर्श पर अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। इसके बाद बिना देर किए कर्मचारियों ने बाहर से वॉशरूम की कुंडी तोड़ी और अंदर दाखिल हुए। तुरंत इसकी सूचना उच्च अधिकारियों और पुलिस को दी गई।

अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

वॉशरूम से बाहर निकालने के तुरंत बाद बेहोशी की हालत में उमेश चंद्र दास को नजदीकी कोलकाता मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर वहां के डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।

पिछले 15 साल से कर रहे थे नौकरी

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक उमेश चंद्र दास पश्चिम बंगाल विधानसभा की कैंटीन में पिछले करीब 15 वर्षों से लगातार काम कर रहे थे। वह न सिर्फ कैंटीन के काम से जुड़े थे, बल्कि विधानसभा परिसर में ही रहते भी थे। इतने लंबे समय से सेवा दे रहे एक पुराने कर्मचारी की इस तरह अचानक मौत से उनके सहकर्मी और परिचित खासे दुखी और स्तब्ध हैं।

पुलिस, डॉग स्क्वॉड और होमिसाइड विंग की जांच

घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस की एक टीम तुरंत डॉग स्क्वॉड के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा परिसर पहुंच गई। इसके अलावा कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट की होमिसाइड विंग (हत्या रोधी शाखा) की टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में उमेश चंद्र दास के शरीर पर चोट के कोई बाहरी निशान नहीं मिले हैं। इसके अलावा मौके पर किसी प्रकार के संघर्ष या हाथापाई के संकेत भी नहीं दिखाई दिए हैं। परिजनों की ओर से फिलहाल पुलिस में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

कोलकाता पुलिस के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए नियमानुसार इनक्वेस्ट और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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