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Abhishek Banerjee House Attack: अभिषेक बनर्जी के घर पर हमला, TMC और BJP आमने-सामने

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने दावा किया है कि शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे उनके घर पर भाजपा समर्थकों ने हमला कर दिया। इस घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और दोनों प्रमुख दलों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।

अभिषेक बनर्जी के घर पर हमला: क्या है पूरा मामला?

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके जन्मदिन के मौके पर कुछ लोग हथियार लेकर उनके कालीघाट स्थित आवास में घुस आए और वहां जमकर पत्थरबाजी की। इस दौरान TMC और BJP समर्थकों के बीच हिंसक झड़प भी हुई।

सांसद का आरोप है कि इस हमले में महिलाओं समेत कई लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया। इस घटना से नाराज अभिषेक बनर्जी अपने समर्थकों के साथ देर रात ही घर के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने इसे अपनी जान लेने की साजिश करार देते हुए सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।

जन्मदिन के पोस्टर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर उनके समर्थकों द्वारा जन्मदिन के बैनर और पोस्टर लगाए जाने के बाद शुरू हुआ। इसी दौरान वहां से गुजर रहे स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी कहासुनी हो गई।

TMC समर्थकों का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से लोहे की छड़ों और पत्थरों से उनके आवास पर हमला किया। वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा का दावा है कि उनके कार्यकर्ता कुम्हारटोली से मां काली की मूर्तियां खरीदकर वापस लौट रहे थे, तभी टीएमसी समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया।

कोलकाता पुलिस और न्यायपालिका पर उठाए सवाल

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला पुलिस की मौजूदगी और निगरानी में हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट और देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए। बनर्जी ने मांग की है कि इस घटना से जुड़े सभी वीडियो सार्वजनिक किए जाएं और पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है।

दो दिन से घर और दफ्तर की रेकी का भी आरोप

इस बड़े हमले से ठीक पहले अभिषेक बनर्जी ने एक अन्य पोस्ट के जरिए चौंकाने वाला दावा किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछले दो दिनों से कुछ अज्ञात लोग मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके घर और आधिकारिक कार्यालय की रेकी (निगरानी) कर रहे थे।

बनर्जी के मुताबिक, जब उनके सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों ने उन संदिग्ध लोगों से पूछताछ की, तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया था। सांसद ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उन मोटरसाइकिलों के रजिस्ट्रेशन नंबर भी साझा किए थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि आखिर किसके आदेश पर एक जनप्रतिनिधि के घर और दफ्तर की निगरानी की जा रही है। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्रालय, पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस से औपचारिक मांग की थी।

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