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अयोध्या: राम मंदिर का गेट नंबर तीन बंद, जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार के रूप में होगा भव्य निर्माण

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अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और निर्माण कार्य को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। मंदिर का गेट नंबर तीन फिलहाल बंद कर दिया गया है, जिसे अब जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार के रूप में विकसित किया जाएगा। इस द्वार का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है और इसके चलते यह गेट करीब तीन से चार महीने तक बंद रहेगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, गेट नंबर तीन को बंद करने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के तेज़ी से पूरा किया जा सके। इस द्वार को नए सिरे से भव्य स्वरूप दिया जाएगा, जो भविष्य में राम मंदिर परिसर के प्रमुख प्रवेश द्वारों में से एक होगा।

इसी बीच, जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वार को ट्रायल के बाद खोल दिया गया है। इस द्वार से अब वीआईपी और वीवीआईपी श्रद्धालुओं का प्रवेश कराया जाएगा। द्वार को खोलने से पहले यहां लगे सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की गई। बूम बैरियर, टायर किलर्स और बोलार्ड जैसे अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों का परीक्षण किया गया, जिसमें एक मालवाहक वाहन और एक चार पहिया वाहन को प्रवेश कराकर ट्रायल लिया गया। ट्रायल सफल पाए जाने के बाद इसे वीआईपी प्रवेश के लिए हरी झंडी दे दी गई।

एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि गेट नंबर तीन को जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वार के रूप में विकसित किया जाना है, इसलिए इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया है। निर्माण पूरा होने के बाद यह द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा, जिससे दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित होगी।

निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने जानकारी दी कि नए द्वार का निर्माण वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थरों से किया जाएगा और इसमें टाइटेनियम से बने भव्य दरवाजे लगाए जाएंगे। द्वार की ऊंचाई लगभग 11 मीटर होगी और इसकी डिजाइन लगभग फाइनल कर ली गई है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर में कुल चार द्वार प्रस्तावित हैं, जिनमें से तीन का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। इसके अलावा, मंदिर परिसर के उत्तरी द्वार को भी खोल दिया गया है, जिसका उपयोग सुरक्षा एजेंसियों, निर्माण कार्य में लगे इंजीनियरों और श्रमिकों के लिए किया जा रहा है।

नई व्यवस्था के तहत जहां एक ओर निर्माण कार्य को गति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर वीआईपी श्रद्धालुओं के प्रवेश को आम श्रद्धालुओं की भीड़ से अलग रखकर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इन बदलावों से आने वाले समय में राम मंदिर में दर्शन प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित होगी।

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