नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में देशहित और आम जनता से जुड़े कई अहम और बड़े फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में महिलाओं की सुरक्षा, ऊर्जा क्षेत्र के विकास और डेटा प्रणाली को आधुनिक बनाने को लेकर कई योजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। सरकार के इन फैसलों का देश के विभिन्न सेक्टरों पर गहरा असर पड़ेगा। आइए जानते हैं कैबिनेट बैठक में लिए गए मुख्य फैसलों के बारे में विस्तार से।
देश में बनेंगी 850 नई फास्ट-ट्रैक कोर्ट
देश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में यौन शोषण और रेप केसों के जल्द निपटारे के लिए देश भर में 850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने को मंजूरी दे दी गई है। इन अदालतों के गठन से लंबित मामलों के जल्द निस्तारण में मदद मिलेगी और पीड़िता को समय पर न्याय मिल सकेगा। सरकार की यह पहल न्याय प्रणाली को अधिक मजबूत और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बिजली स्टोर करने की क्षमता बढ़ाने के लिए 14,500 करोड़ रुपए मंजूर
ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा वित्तीय फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने बिजली स्टोर करने की क्षमता बढ़ाने के लिए 92 गीगावाट-घंटे (GWh) क्षमता वाली ग्रिड स्केल एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना पर कुल 14,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली को बड़े पैमाने पर सुरक्षित स्टोर करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। इससे सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। 92 GWh की इस कुल क्षमता को तीन हिस्सों में बांटा गया है।
ऊर्जा भंडारण से ट्रांसमिशन लाइनों का होगा बेहतर इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार, एनर्जी स्टोरेज की सुविधा होने से बिजली ट्रांसमिशन लाइनों की क्षमता का भी optimum उपयोग हो सकेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए 10 मेगावाट की ट्रांसमिशन क्षमता बनाई गई है, तो रात के समय सौर बिजली का उत्पादन न होने के कारण वह क्षमता खाली रह जाती है। लेकिन स्टोरेज सिस्टम होने पर दिन में जमा की गई सौर ऊर्जा को बाद में आसानी से भेजा जा सकेगा।
महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) के प्रसंस्करण की योजना
कैबिनेट ने देश के विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) सेक्टर को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) की योजना को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य खदानों से निकाले गए या रीसाइक्लिंग के माध्यम से प्राप्त कच्चे खनिजों को इस तरह तैयार करना है कि उनका इस्तेमाल सीधे तौर पर उत्पादन प्रक्रिया में किया जा सके।
यह योजना देश में पहचाने गए सभी 24 महत्वपूर्ण खनिजों पर लागू होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, बैटरी निर्माण, रक्षा उपकरण, भारी मशीनरी और अन्य आधुनिक उद्योगों में इन खनिजों की अत्यधिक आवश्यकता होती है। इस योजना से देश में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
डेटा कलेक्शन सिस्टम के कायाकल्प के लिए 4,371 करोड़ रुपए
सरकार ने देश के डेटा संग्रहण और विश्लेषण प्रणाली को पूरी तरह आधुनिक बनाने के लिए 4,371 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सरकारी आंकड़े जुटाने और उनकी जांच-पड़ताल करने की प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा।
- सर्वेक्षण के पारंपरिक तरीकों में आधुनिक तकनीक को शामिल किया जाएगा।
- आंकड़ों की जांच और सत्यापन की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाया जाएगा।
- आंकड़े जुटाने के दौरान होने वाली त्रुटियों (गलतियों) को न्यूनतम किया जाएगा।
- देशभर के विश्वविद्यालयों में डेटा कलेक्शन से जुड़े विशेष पाठ्यक्रम (कोर्स) शुरू किए जाएंगे।
- नीति निर्माण के लिए सरकार को अधिक भरोसेमंद और सटीक आंकड़े उपलब्ध कराए जाएंगे।
रेलवे कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस का ऐलान
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में रेलवे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने देश के करीब 11.40 लाख रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का दिवाली बोनस देने की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बोनस के भुगतान पर लगभग 2,009 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है।

