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बेंगलुरु में बन रही भारत की पहली बुलेट ट्रेन, 280kmph होगी रफ्तार

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भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के सपने को साकार करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन बेंगलुरु स्थित बीईएमएल (BEML) प्लांट में तेजी से तैयार की जा रही है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए बनाई जा रही इस आधुनिक ट्रेन का एक नया वीडियो केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें ट्रेन की निर्माण प्रक्रिया और उसकी वजन सहने की क्षमता की जांच को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

बेंगलुरु प्लांट में हो रहा है निर्माण, वीडियो आया सामने

रेल मंत्रालय के अनुसार, बेंगलुरु के प्लांट में बन रही इस पहली बुलेट ट्रेन की मजबूती को परखने के लिए कड़े परीक्षण किए जा रहे हैं। ट्रेन की लोड बेयरिंग कैपेसिटी यानी वजन सहने की क्षमता की जांच के लिए कोच के अंदर रेत की बोरियां रखी गई हैं। सामने आए वीडियो में ट्रेन के निर्माण कार्य की झलक मिलती है, जिससे देशवासियों में हाई-स्पीड ट्रेन के सफर को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है। रेल मंत्रालय का कहना है कि इस ट्रेन को पूरी तरह से भारतीय भौगोलिक और ढांचागत परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिससे संचालन बेहद सुरक्षित और सुगम होगा।

280 किमी प्रति घंटा होगी रफ्तार

मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के लिए तैयार की जा रही इस बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। ट्रेन की तकनीकी दक्षता को बेहतरीन बनाने के लिए इसका एयरोडायनामिक डिजाइन कम्प्यूटेशनल फ्लूड डायनेमिक्स (CFD) सिमुलेशन तकनीक के जरिए तैयार किया गया है। इस तकनीक की मदद से ट्रेन के आसपास हवा के बहाव का बारीकी से अध्ययन किया गया है, जिससे हवा के प्रतिरोध और अशांति को न्यूनतम किया जा सके। इसके अलावा, टनल यानी सुरंग से गुजरने के दौरान उत्पन्न होने वाली दबाव की लहरों और सोनिक बूम के असर को भी कम करने में मदद मिलेगी।

दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं

इस स्वदेशी बुलेट ट्रेन के डिजाइन में विशेष तौर पर दिव्यांगजन और कम गतिशीलता वाले यात्रियों (PRM) की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है। ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

मौसम और शोर नियंत्रण की आधुनिक तकनीक

यात्रियों के सफर को आरामदायक और शांतिपूर्ण बनाने के लिए ट्रेन के भीतर तापमान और शोर नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक कोच में हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (HVAC) की दो आधुनिक यूनिट्स लगाई गई हैं, जो हर मौसम में अंदर के तापमान और नमी को नियंत्रित रखेंगी। सफर के दौरान होने वाले कंपन और शोर को कम करने के लिए ट्रेन की बॉडी और फर्श में साउंड इंसुलेशन लगाया गया है। साथ ही नॉइज-डैंपिंग कोटिंग, स्कर्ट, बोगी कवर और एयरोडायनामिक फेयरिंग का इस्तेमाल किया गया है ताकि बाहरी शोर न्यूनतम रहे।

ऊर्जा बचत और रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम

यह बुलेट ट्रेन 25 kV, 50 Hz सिंगल-फेज AC ट्रैक्शन सिस्टम पर संचालित होगी, जिसे हेवी कंपाउंड कैटेनरी के माध्यम से बिजली मिलेगी। ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए इसमें अत्याधुनिक रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम दिया गया है। जब भी ट्रेन में ब्रेक लगाए जाएंगे, यह सिस्टम ऊर्जा को वापस हासिल करके विद्युत प्रणाली में भेज देगा, जिससे बिजली की खपत कम होगी और ट्रेन अधिक ऊर्जा-कुशल बनेगी। सीलबंद कारबॉडी डिजाइन सफर के दौरान दबाव के अंतर को नियंत्रित रखेगा, जिससे तेज गति और सुरंगों से गुजरने पर भी यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

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