कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी की गिरफ्तारी के बाद शहर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सैकड़ों अधिवक्ता सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने तिवारी को एनआरआई सिटी से हिरासत में लिया था, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
यह कार्रवाई नवाबगंज थाना क्षेत्र के गंगानगर हाउसिंग सोसाइटी में वर्ष 2021 में हुए अधिवक्ता राजाराम वर्मा की गोली मारकर हत्या के मामले से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस द्वारा राकेश तिवारी को उठाए जाने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में वकील नवाबगंज थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब 10 घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान थाने के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। अधिवक्ताओं ने गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और तत्काल रिहाई की मांग की। हालात को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
लंबे विरोध और दबाव के बाद आखिरकार पुलिस ने राकेश तिवारी को छोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

