कानपुर में 15 अगस्त की रात कपड़ा कारोबारी के अजब-गजब ऑफर के चलते हंगामा हुआ। कारोबारी ने अपने बर्थडे पर 16 मिनट के लिए 16 रुपए की खरीदारी का ऑफर दिया। ऑफर की जानकारी होने पर दुकान के बाहर करीब 2 से ढाई हजार लोगों की भीड़ बढ़ गई। भीड़ देख दुकानदार अपनी दुकान बंद कर भाग गए। मौके पर पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ को खदेड़ा, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस ने रईस आलम समेत 3 लोगों के खिलाफ अनवरगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने 16 अगस्त को कपड़ा व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 17 अगस्त को व्यापारी को करीब 22 घंटे बाद जमानत मिल गई। जमानत पर छूटकर आए व्यापारी रईस आलम ने कहा- अब ऐसी गलती नहीं करूंगा। मुझे उम्मीद नहीं थी कि इतनी संख्या में मेरे चाहने वाले जुट जाएंगे। GEN-Z का प्यार माइंड ब्लोइंग है। इसे पूरे मामले में दैनिक भास्कर टीम ने रईस आलम से बात की। उन्होंने ऑफर की सोच से लेकर भीड़ बढ़ने, दुकान बंद करने और मुकदमे तक के सवालों पर अपनी बात रखी। पहले 15 अगस्त की दो तस्वीरें देखिए… सवाल: 16 मिनट में 16 रुपए की खरीदारी का ऑफर कैसे आया।
रईस आलम: अचानक बैठे-बैठे दिमाग में आया कि कुछ ऐसा करते हैं, जिससे 400-500 लोगों को कम पैसों में गिफ्ट देकर आगे के लिए कस्टमर बनाया जा सके। आगे रक्षाबंधन का त्योहार भी आ रहा था। हमारी सोच थी कि ज्यादा से ज्यादा 300 से 400 लोग आएंगे। इसी वजह से रात 12 बजे ऑफर का समय रखा था, ताकि बाहर की पब्लिक न आ पाए। हमारी सोच थी कि देर रात होने के कारण भीड़ सीमित रहेगी। सवाल: क्या इस ऑफर के जरिए जन्मदिन का प्रचार करना था या दुकान का।
रईस आलम: मेरा जन्मदिन 16 अगस्त को होता है, लेकिन इस ऑफर का जन्मदिन से मतलब नहीं था। हमें अपने कारोबार को रिप्रजेंट करना था। इसके अलावा हमारी एक खुशी थी कि जो लोग हमें प्यार करते हैं और फॉलो करते हैं, वो हमारी दुकान पर आएं। लेकिन हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि लोग हमें इतना प्यार करते हैं। यह पागलों वाली मोहब्बत है। यह Gen Z हैं और इनकी मोहब्बत माइंड ब्लोइंग और जबरदस्त है। सवाल: रात में भीड़ बढ़ने लगी तो कब अहसास हुआ कि हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं।
रईस आलम: ऑफर की टाइमिंग रात 15 अगस्त को 11 बजकर 59 मिनट पर की थी। लेकिन करीब 9:30 से 9:45 बजे से ही काफी संख्या में लोग जुटने लगे थे। उस समय लोगों की डिमांड थी कि मेरे साथ केक काटना है। कई लोगों ने तो यहां तक कहा कि उन्हें कोई गिफ्ट भी नहीं चाहिए। मैं ऊपर खड़ा था और करीब 100 से 200 लोगों के हाथ में केक के पैकेट थे। उनकी ख्वाहिश थी कि मेरे साथ केक काट लें। अब इसे उनकी मोहब्बत समझिए, पागलपन या दीवानापन। कुछ महिलाएं भी केक लेकर आई थीं। हमें पता ही नहीं था कि लोग इतनी ज्यादा मोहब्बत करते हैं। भीड़ देख दुकान का शटर और लाइट बंद करवा दिया था। सवाल: अब मुकदमा दर्ज होने के बाद आपको किस बात का सबसे ज्यादा अफसोस है।
रईस आलम: अगर हमारी गलती है तो हम उसे स्वीकार करते हैं और आगे से ऐसा कभी नहीं करेंगे। कोर्ट में भी वादा किया है। कुछ गलतियां मुझे पता नहीं थीं। इतनी बड़ी संख्या में पब्लिक आ जाएगी, इसका अंदाजा नहीं था। मैंने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है और खुद सरेंडर किया था। हम कानून से बाहर नहीं हैं। मैं हिंदुस्तान के संविधान को हमेशा फॉलो करता हूं। सवाल: पुलिस की वर्किंग पर क्या कहेंगे। क्या लाठीचार्ज किया गया था।
रईस आलम: अनवरगंज थाने की पुलिस और पुलिस कमिश्नर सर ने बहुत गुड वर्किंग की। यहां कोई लाठीचार्ज नहीं हुई है। हां, भागते समय कुछ लोग गिरे और उनकी चप्पलें टूट गईं। जो वीडियो सामने आ रहे हैं उसमें लोग हंसते हुए नजर आ रहे हैं और Gen Z के लोग इस पूरे घटनाक्रम को अलग अंदाज में ले रहे थे। सवाल: लोगों से किए वादे को अब कैसे पूरा करेंगे? क्या फिर कोई ऑफर लाएंगे।
रईस आलम: अब समय बदल चुका है। उस ऑफर वाले वादे को तो पूरा नहीं करेंगे। लेकिन जो लोग हमें प्यार करते हैं और कुछ लोग भावुक होकर दुकान पर आ रहे हैं, उन्हें जन्मदिन वाले दिन का गिफ्ट भी दे रहे हैं। मेरे लिए लोग दुआएं कर रहे थे, इस बात पर कोई विश्वास नहीं करेगा। सवाल: भीड़ बेकाबू होने के बाद दुकान बंद करने की नौबत क्यों आई।
रईस आलम: हमें लगा कि पब्लिक बहुत ज्यादा हो गई है और हमारे पास इतने गिफ्ट नहीं हैं, जो सभी को दिए जा सकें। यही सबसे बड़ी बात थी। मान लीजिए हम 100 या 200 लोगों को गिफ्ट दे देते, तो जो 500 से 1000 लोग पीछे बचते, उन्हें हम क्या देते? इसी वजह से दुकान को बंद करना पड़ा। ———————— ये खबर भी पढ़ेंः- बुलडोजर एक्शन से पहले युवक ने खुद को आग लगाई:शामली में चिल्लाते हुए खेत में कूदा, पिता-पुलिसवालों ने बुझाई आग, VIDEO यूपी के शामली में तहसीलदार और पुलिस के सामने युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। फिर चिल्लाते हुए पानी से भरे खेत में कूद गया। युवक के घरवाले और पुलिसकर्मी दौड़कर पहुंचे। जैसे-तैसे युवक को खेत से बाहर निकाला। पुलिस युवक को लेकर अस्पताल पहुंचती। वह 60 से 70 प्रतिशत झुलस चुका था। डॉक्टरों ने युवक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया है। पढ़ें पूरी खबर….
