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क्या 2027 चुनाव लड़ पाएंगे आजम खान?:शिवपाल ने गृहमंत्री बनाने का दावा किया, इसमें कितना दम; जानिए सियासी समकरण

12 अगस्त को शिवपाल यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात के बाद कहा- अगर 2027 में सपा की सरकार बनती है, तो आजम खान को गृहमंत्री बनाया जाएगा। दावा किया कि आजम खान के साथ बहुत जुल्म हुआ है। उन्हें जेल में जमीन पर लिटाया जा रहा है। दवाएं और कपड़े तक नहीं दिए जा रहे। विधायकों वाली एक भी सुविधाएं नहीं मिल रहीं। वो बहुत तकलीफ में हैं। आजम खान को 8 केस में 2 से लेकर 10 साल तक की सजा हो चुकी है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा- 8 के अनुसार सजा होने पर जहां सांसद-विधायकों की सदस्यता समाप्त हो सकती है। वहीं, सजा पूरी करने के 6 साल बाद तक वो कोई चुनाव नहीं लड़ सकते। आजम खान अभी दोहरे पैन कार्ड के प्रकरण में जेल में हैं। उनकी जमानत अर्जी हाईकोर्ट में लंबित है। सवाल है, फिर शिवपाल यादव के गृहमंत्री बनाने के दावे में कितना दम है? क्या आजम खान 2027 विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं? सपा के लिए आजम खान क्यों इतने जरूरी हैं? जेल से बाहर आने में क्या पेंच फंसा है… आजम खान के खिलाफ 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। उनके वकील इमरानुल्लाह के अनुसार, दोहरे पैन कार्ड मामले को छोड़कर बाकी सभी मामलों में उन्हें या तो जमानत मिल चुकी है या वह बरी हो चुके हैं। आजम अभी दोहरे पैन कार्ड मामले में कोर्ट की सजा सुनाने के बाद से जेल में हैं। उन्होंने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील कर रखी है। 6 अगस्त को सुनवाई थी, लेकिन जस्टिस विक्रम डी. चौहान ने निजी कारणों से खुद को केस से अलग कर लिया। अब नई बेंच बन गई है। 14 अगस्त को सुनवाई टल गई थी। अगली तारीख में तय होगा कि उन्हें जमानत मिलेगी या फिर सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ेगा। क्या सिर्फ जमानत के आधार पर आजम चुनाव लड़ पाएंगे आजम खान के केस की पैरवी कर रहे वकील इमरानुल्लाह का दावा है कि हाईकोर्ट की नई बेंच के सामने मामला पेश होने के बाद जमानत मिल सकती है। मतलब, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आजम के बाहर आने का रास्ता साफ हो सकता है। लेकिन, अहम सवाल है कि क्या आजम खान चुनाव भी लड़ सकते हैं? इस पर हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील गौरव मल्होत्रा कहते हैं कि जमानत मिलने का मतलब सजा खत्म होना नहीं है। आजम खान को कुल 8 मामलों में सजा हो चुकी है। ऐसे में उनको चुनाव लड़ने के लिए पहले इन सजाओं के खिलाफ ऊपरी अदालत से स्टे लेना होगा। फिर शिवपाल की आजम से मुलाकात का राजनीतिक मतलब क्या? शिवपाल यादव ने 12 अगस्त को रामपुर जेल में आजम और अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने आजम की भूमिका को लेकर खुलकर बयान दिए। 13 अगस्त को शिवपाल ने इससे भी आगे जाकर कह दिया कि 2027 में सपा की सरकार बनी, तो आजम खान को गृहमंत्री बनाया जाएगा। अभी आजम को लेकर यही तय नहीं है कि उन्हें जमानत कब तक मिलेगी? फिर उनको कोर्ट से जो सजा मिली है, उस पर स्टे कब तक मिलेगा? ऐसे में शिवपाल के बयानों के राजनीतिक मतलब क्या है? राजनीतिक एक्सपर्ट राजेंद्र कुमार इसे समझाते हुए कहते हैं- सपा के लिए 2027 में मुस्लिम वोट बेहद जरूरी है। सपा में भले ही नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत कई मुस्लिम चेहरे दिखते हों, लेकिन आजम के कद का एक भी नेता नहीं है। जेल में रहते हुए भी आजम पश्चिमी यूपी में मुस्लिम राजनीति को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। शिवपाल का यह बयान उनके समर्थकों के लिए एक संदेश है कि सपा आजम के साथ खड़ी है।
अब जानिए आजम को कितने केस में सजा हुई ————————— यह खबर भी पढ़ें – अतीक के बेटे क्या कभी जेल से बाहर आ पाएंगे, इंग्लिश स्कूल में पढ़े, फिर रंगदारी-फिरौती वसूलकर जेल गए माफिया अतीक जब जिंदा था, बेटे असद को अपना उत्तराधिकारी कहता था। प्रयागराज के लोग असद को ‘सांसदजी’ कहने लगे। वो पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। छोटे बेटे अबान को अतीक सबसे ज्यादा प्यार करता था। कुछ महीने पहले अबान ने सोशल मीडिया पर रील पोस्ट की थी। इसमें वो कह रहा था- ‘हम कुत्तों की तरह पीछे से वार नहीं करते।’ 6 अगस्त को अबान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। पढ़िए पूरी खबर…

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