लीड / परिचय
लंभुआ (सुल्तानपुर) में मतदाता सूची से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। ढ़ेलहा गांव में परिवार रजिस्टर में कथित छेड़छाड़ कर अपात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाने के आरोप के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। मामले को गंभीर मानते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी (VDO) से जवाब तलब किया है।
क्या है पूरा मामला
ढेलहा गांव में जांच के दौरान सामने आया कि परिवार रजिस्टर और जन्म-तिथि से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव कर मतदाता सूची को प्रभावित किया गया। आरोप है कि करीब 12 अपात्र लोगों के नाम कूटरचना के जरिए जोड़े गए और जन्म तिथि में भी संशोधन किया गया।
BDO अजीत विक्रम सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ग्राम विकास अधिकारी ने बिना एडीओ पंचायत की अनुमति के यह संशोधन किए। जिन नामों को जोड़े जाने की बात सामने आई है, उनमें राबिया बानो, सहीम, शाकिया बानो, आशीष सिंह सहित अन्य लोग शामिल हैं।
रिकॉर्ड की गहन जांच के निर्देश
BDO ने ग्राम विकास अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह जून 2025 से अब तक जारी किए गए—
- जन्म प्रमाण पत्र
- मृत्यु प्रमाण पत्र
- नाम संशोधन से जुड़े दस्तावेज
की विस्तृत आख्या तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करें।
इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे शासकीय कार्य में किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही।
बाहरी व्यक्ति की भूमिका की भी जांच
प्रशासन को शक है कि मतदाता सूची में हेरफेर के इस मामले में किसी अनधिकृत व्यक्ति का भी हस्तक्षेप रहा है। BDO ने स्पष्ट किया कि ऐसे व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अन्य गांवों से भी आईं शिकायतें
इसी क्रम में दूबेपुर विकास खंड के बहलोलपुर गांव से भी गंभीर शिकायत सामने आई है। गांव निवासी विजय कुमार कश्यप ने जिला निर्वाचन अधिकारी को शपथपत्र के साथ आपत्ति दर्ज कराई है।
उनका आरोप है कि—
- 16 नाबालिगों को मतदाता बना दिया गया
- 32 मृत व्यक्तियों के नाम सूची में शामिल हैं
- बाहरी और विवाहित महिलाओं सहित कुल 92 अपात्र लोगों के नाम अनंतिम सूची में जोड़े गए
प्रशासन का रुख
जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और सत्यापन के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
आगे क्या होगा
- तीन दिन में VDO की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी
- दोषी पाए जाने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई संभव
- मतदाता सूची का दोबारा सत्यापन कराया जा सकता है
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह मामला सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रह सकता और जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है।

