झांसी में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार एक परिवार को रौंद दिया। हादसे में महिला, उसके 4 साल के पोते समेत 3 लोगों की मौत हो गई। पति की हालत नाजुक है। हादसा बुधवार रात 8:30 बजे जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर बबीना थाना क्षेत्र में हुआ। टक्कर के बाद ट्रक बाइक को 200 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। 4 साल का बच्चा संस्कार उर्फ भानू (4) बाइक पर सबसे आगे बैठा था। ट्रक का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। सिर और एक पैर धड़ से अलग हो गए। दादी उर्मिला का सिर कुचल गया। दोनों की मौके पर मौत हो गई। शवों के टुकड़े 50 मीटर तक बिखर गए। हादसे में बच्चे के दादा आनंद रजक (48) और बाइक चला रहे पड़ोसी रविंद्र पाल (21) घायल हो गए। दोनों को मेडिकल कॉलेज लाया गया। इलाज के दौरान बुधवार रात 12 बजे रविंद्र ने दम तोड़ दिया। उर्मिला की बेटी की डिलीवरी हुई थी। वह बेटी और अपनी नातिन को देखकर लौट रही थीं, तभी ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद अस्पताल में बच्चे की लाश देखकर पिता बेहोश हो गया। वहीं, रविंद्र की 11 महीने पहले ही शादी हुई थी। पति की मौत की खबर सुनकर उनकी पत्नी भी बेहोश हो गई। हादसे के तस्वीरें देखिए जिद करके दादी के साथ आया था पोता आनंद रजक बबीना थाना क्षेत्र के चंदौली गांव में रहते हैं। वह खेती-किसानी के साथ मजदूरी करते हैं। उनके एक बेटा और 3 बेटियां हैं। महेंद्र, खुशबू और शिवानी की शादी हो चुकी है, जबकि दीक्षा की शादी नहीं हुई है। आनंद के भाई फूलसिंह ने बताया- शिवानी की शादी नोनेर गांव में हुई थी। शिवानी गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसे मेडिकल कॉलेज के पास न्यू टाटा हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। जहां उसने एक बेटी को जन्म दिया। बुधवार को बेटी और नवजात नातिन को देखने के लिए बड़े भाई आनंद, भाभी उर्मिला हॉस्पिटल आए थे। भाई बाइक नहीं चला पाते थे, इसलिए पड़ोस के गांव सुकुवां निवासी रविंद्र पाल को साथ लाए थे। दादी को जाते देखकर उनका पोता भानू भी साथ चलने की जिद करने लगा। रोता देख भाभी पोते को भी अपने साथ ले गई थीं। हॉस्पिटल से रात 8:30 बजे सभी लोग बाइक से घर जा रहे थे। रास्ते में बीएचईएल स्थित महिमा ढाबे के पास पहुंचे तो तेज गति से आ रहे ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। बेटे के बारे में पूछता रहा पिता बच्चे के पिता महेंद्र ने बताया- बहन की डिलीवरी की वजह से मैं हॉस्पिटल में ही रुक गया था। एंबुलेंस चालक ने फोन करके हादसे की जानकारी दी तो अस्पताल पहुंच गया। एंबुलेंस में घायल पिता और रविंद्र को देखकर अपने बच्चे और मां के बारे में पूछने लगा। कभी एंबुलेंस चालक तो कभी दरोगा से वह बच्चे के बारे में पूछता रहा। जब उसे पता चला कि हादसे में उसके बच्चे और उसकी मां की मौत हो गई तो वह रोते हुए बेहोश हो गया। परिजनों ने उसे संभाला। महेंद्र खेती-किसानी करता है। उसके दो बेटों में भानू छोटा था। एक बड़ा बेटा सत्तू (6) है। रविंद्र की 11 महीने पहले हुई थी शादी रविंद्र के पिता सियाराम पाल दिव्यांग हैं। उनके रविंद्र से छोटे 3 बेटे विशाल (15), रामवीर (10), अनुराग (8) और एक बेटी अर्चना (16) है। रविंद्र की शादी 11 महीने पहले डोली से हुई थी। पिता के दिव्यांग और भाई-बहनों के छोटे-छोटे होने के कारण रविंद्र ही मजदूरी करके पूरे परिवार का पालन कर रहा था। एक्सीडेंट में रविंद्र की मौत होने की खबर सुनकर पत्नी डोली और मां इमरती बेसुध हो गईं। ट्रक ने पीछे से टक्कर मारी सीओ सदर प्रिया सिंह ने बताया- ट्रक झांसी से ललितपुर की ओर जा रहा था। उसने पीछे से बाइक को टक्कर मारी है। हादसे में एक बच्चे समेत 3 लोगों की मौत हो गई। एक घायल का इलाज चल रहा है। पीड़ित पक्ष से तहरीर लेकर बबीना थाने में केस दर्ज किया जा रहा है। ————————- ये खबर भी पढ़िए- जयंत बोले- मैं अखिलेश को इतना याद क्यों आ रहा: ‘चवन्नी’ वाले बयान पर दिया जवाब यूपी की राजनीति में पिछले 2 दिनों से सपा प्रमुख अखिलेश यादव का ‘चवन्नी’ वाला बयान खूब चर्चा में है। अखिलेश ने बिना नाम लिए रालोद प्रमुख जयंत चौधरी पर कहा था- मैंने चवन्नी को रुपया बनाया, लेकिन वह भी भाग गए। पढ़ें पूरी खबर…
