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डिलीवरी के बाद बिगड़ी हालत, रेफर से पहले मौत: सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज पर सवाल

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सुलतानपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित महिला अस्पताल में शुक्रवार तड़के एक प्रसूता की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रसव के कुछ घंटों बाद हुई इस मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया।

मृतका की पहचान कादीपुर क्षेत्र के पदारथपुर गांव निवासी अंशिका उपाध्याय (24) पत्नी पंकज उपाध्याय के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, अंशिका को गुरुवार को प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार शाम करीब 6 बजकर 24 मिनट पर उसने बच्चे को जन्म दिया।

मृतका की मां उर्मिला पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रसव के बाद डॉक्टरों ने अंशिका की हालत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि प्रसव के कुछ समय बाद ही अंशिका ने ठंड लगने और शरीर कांपने की शिकायत की थी। चादर ओढ़ाने के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार डॉक्टरों और स्टाफ को बुलाया, लेकिन वे सिर्फ ब्लड प्रेशर जांचकर चले जाते थे।

परिजनों का यह भी कहना है कि शुक्रवार तड़के करीब 4:30 बजे डॉक्टरों ने अचानक कहा कि मरीज को कहीं और ले जाया जाए। परिजन जब तक किसी अन्य अस्पताल ले जाने की व्यवस्था कर पाते, उससे पहले ही अंशिका की मौत हो गई।

प्रसूता की मौत की खबर फैलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। सूचना मिलने पर नगर कोतवाल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी।

इस पूरे मामले पर महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आर. के. यादव ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं, इस मामले ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद देखरेख और समय पर इलाज को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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