सुलतानपुर। कोइरीपुर रेलवे स्टेशन के समीप सिंहौली में स्थित प्रख्यात सत्यधाम आश्रम एक बार फिर मानवता और सामाजिक समरसता का साक्षी बना। आश्रम परिसर में सावित्री बाई फुले जयंती के पावन अवसर पर सेवा, समर्पण और सामाजिक चेतना से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता गद्दीधीश आचार्य एवं सत्यसमदर्शी कविराजदेव जी महाराज ने की।
इस अवसर पर समाजसेवी किन्नर प्रेमा बुआ ने समाज के उपेक्षित और जरूरतमंद वर्ग की 51 महिलाओं को गर्म कपड़े, साड़ियां एवं नकद सहायता प्रदान की। ठंड के इस मौसम में मिली इस सहायता से महिलाओं के चेहरों पर संतोष और आत्मसम्मान की झलक स्पष्ट दिखाई दी। कार्यक्रम केवल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं को स्वावलंबन, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
अपने उद्बोधन में कविराजदेव जी महाराज ने कहा कि “सेवा धर्म सर्वोपरि है। जो समाज अपने कमजोर वर्ग का सहारा बनता है, वही सच्चे अर्थों में उन्नत कहलाता है।” उन्होंने सावित्री बाई फुले के संघर्ष और नारी सशक्तिकरण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि आज भी उनके विचार समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
समाजसेवी प्रेमा बुआ ने कहा कि किन्नर समाज को भी समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता है और सेवा के माध्यम से ही भेदभाव को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सेवा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती, इंसानियत ही सबसे बड़ा परिचय है।”
कार्यक्रम के दौरान आश्रम में सत्संग, कीर्तन एवं सेवा भाव से ओत-प्रोत वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे और इस सामाजिक पहल की सराहना की।
इस अवसर पर सुधा देव, बबलू गुप्ता, अनिल मिश्र, लालता प्रसाद यादव, शिवानी विश्वकर्मा, रीता मौर्या, शुभम, देवांश देव, अभिषेक, दर्शिता, अंजली, ओम प्रकाश, संजय पाल, मंजू बरनवाल, स्नेहा विश्वकर्मा, केदारनाथ मिश्र सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब सेवा, संवेदना और समर्पण एक साथ आते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन निश्चित होता है।

