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SIR के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में आज विपक्ष की महारैली

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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आज INDIA ब्लॉक की ओर से एक बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR (एसआईआर) के खिलाफ किया जा रहा है। इस महाजुटान में देश भर से 20 से अधिक विपक्षी पार्टियों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है।

इन दिग्गज नेताओं के संबोधन पर रहेंगी नजरें

रामलीला मैदान में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी समेत कई वरिष्ठ विपक्षी नेता मंच से जनता को संबोधित करेंगे। कांग्रेस पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि इस रैली में करीब 10 लाख लोग जुटेंगे। पिछले 25 दिनों के भीतर यह 9वां ऐसा मौका है जब विपक्षी दल SIR के मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट होकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। इससे पहले 6 से 13 अक्टूबर के बीच भी राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के नेताओं ने विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किए थे।

प्रशासनिक पाबंदियां और समय सीमा

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस राजनीतिक कार्यक्रम के लिए केवल 7 घंटे यानी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की ही अनुमति दी गई है। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद सभी को रामलीला मैदान को पूरी तरह खाली करना होगा। प्रशासन की ओर से मैदान में रातभर रुकने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

स्थानीय बाजारों और व्यापार पर पड़ने वाला प्रभाव

रैली के चलते रामलीला मैदान के आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 20 से अधिक बड़े थोक बाजार इस दौरान प्रभावित हो सकते हैं। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, दरियागंज और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र शामिल हैं।

सड़कें बंद होने और कड़े सुरक्षा इंतजामों के कारण दिल्ली के बाहर से रोजाना आने वाले 3 से 4 लाख खरीदारों का बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। स्थानीय व्यापारी संगठनों ने त्योहारी सीजन में इस प्रकार के आयोजनों को लेकर चिंता व्यक्त की है।

व्यापारी संगठनों की चिंता और राहुल गांधी का बयान

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने इस संबंध में INDIA गठबंधन के सभी दलों को पत्र लिखकर दीवाली फेस्टिवल सीजन के दौरान लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के व्यापारिक नुकसान का अनुमान जताया था। दिल्ली के व्यापारियों ने भी रैली को 10 नवंबर तक टालने का अनुरोध किया था।

इस विरोध के बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो जारी कर व्यापारियों को आश्वस्त करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों का यह सीजन है और जो लोग बाहर से दिल्ली आ रहे हैं, वे प्रोटेस्ट और रैली के साथ-साथ स्थानीय बाजारों से खरीदारी भी करें ताकि व्यापारियों को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान न हो। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर अनावश्यक अफवाह फैला रही है।

सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है मामला

SIR के खिलाफ यह कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है। गत 12 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था और 13 विपक्षी नेताओं ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की थी।

15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर इस याचिका को अन्य लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया था। इसके बाद 27 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने चुनाव आयोग के जवाब पर याचिकाकर्ताओं को अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए 10 दिन का समय दिया है और इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 तय की है।

‘यह देश का प्रोटेस्ट है’ – राहुल गांधी

रैली से पहले 29 अक्टूबर को राहुल गांधी ने एक बार फिर पोस्ट जारी करते हुए जनता से रामलीला मैदान पहुंचने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मार्च देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने तथा वोट चोरी रोकने के लिए आयोजित किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं बल्कि पूरे देश का आंदोलन है।

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