सुलतानपुर दहेज हत्या के एक पुराने मामले में मंगलवार को अदालत का फैसला सामने आया, जिसमें दोषी महिला को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला घटना के करीब 15 साल बाद आया है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप संभव हो सकी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में मॉनिटरिंग सेल ने मामले की लगातार फॉलो-अप की।
माननीय ASJ/FTC-1 न्यायालय, सुलतानपुर ने अभियुक्त रुक्सार खातून पत्नी मुइनुद्दीन, निवासी पन्थनगर चौराहा सिवाला रोड, कोइरीपुर, थाना चांदा को दोषी ठहराया। मामला चांदा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 26 अगस्त 2010 को शाम करीब 7:30 बजे एफआईआर दर्ज की गई थी।
वादी के अनुसार, दहेज की मांग पूरी न होने पर अभियुक्त और अन्य ससुरालजनों ने उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया। आरोप था कि उसे मारा-पीटा गया, गाली-गलौज की गई और अंत में तेजाब डालकर जला दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी वेदप्रकाश सिंह द्वारा की गई थी। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 24 अक्टूबर 2011 को अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
अदालत के इस फैसले को दहेज उत्पीड़न के मामलों में देर से ही सही, न्याय की दिशा में कदम माना जा रहा है।

