सुल्तानपुर में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दरपीपुर के पास घने कोहरे के बीच तेज रफ्तार अर्टिगा कार सड़क पर खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। प्राथमिक तौर पर हादसे की वजह घना कोहरा और तेज रफ्तार बताई जा रही है। इस दुर्घटना में कार चालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर हालत में घायल हो गए।
हादसा सोमवार सुबह करीब 8:20 बजे हुआ, जब लखनऊ से आजमगढ़ जा रही कार कोहरे के कारण आगे खड़े ट्रक को समय रहते नहीं देख सकी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पूरी तरह damage हो गई और उसके परखचे उड़ गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और यूपीडा को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए क्रेन और कटर की मदद ली गई। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कुछ घायलों को बाहर निकालने में काफी समय लगा।
हादसे में कार चालक सिकंदर (27), शंभूलाल (55) और सुरेंद्र (30) की मौत हो गई। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार, सिकंदर और सुरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि शंभूलाल को सीएचसी दोस्तपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दुर्घटना में घायल हुए लोगों में खुशबू (27), सनाया (6), मीना देवी (35), कोहिनूर (16), उजाला (24), कुमारी रोशनी (15) और अंश (12) शामिल हैं। सभी घायलों को पहले सीएचसी दोस्तपुर में प्राथमिक इलाज दिया गया, इसके बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अंबेडकरनगर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी त्रिलोकी नाथ पांडेय ने बताया कि हादसे के बाद रेस्क्यू और ट्रैफिक कंट्रोल दोनों काम एक साथ किए गए। क्षतिग्रस्त कार को क्रेन से ट्रक से अलग किया गया और एक्सप्रेसवे से हटाया गया, ताकि यातायात सामान्य हो सके।
वहीं, यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी राम जगत तिवारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में कार चालक की लापरवाही सामने आ रही है। हालांकि, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि ट्रक की positioning, warning लाइट और safety व्यवस्था सही थी या नहीं। कोहरे के कारण visibility बेहद कम थी, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ गया।
जयसिंहपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद मिश्र ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि कोहरे के मौसम में एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे में सफर करते समय स्पीड कंट्रोल, safe distance और सावधानी बरतें।

