सुल्तानपुर। अमेठी जिले की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए गैर-जमानती वारंट (NBW) को बरकरार रखा है। विधायक के साथ-साथ अन्य सह आरोपियों के खिलाफ भी अदालत ने कोई राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।
यह पूरा मामला 10 मई 2023 को भाजपा से तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष पद प्रत्याशी रश्मि सिंह के पति दीपक सिंह पर हुए हमले से जुड़ा हुआ है। इस घटना को लेकर गौरीगंज थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई इस समय एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है, जहां जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की fast-track सुनवाई की जाती है।
कोर्ट ने इससे पहले भी विधायक राकेश प्रताप सिंह और अन्य आरोपियों के लगातार गैरहाजिर रहने को गंभीरता से लिया था। इसी के चलते अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर एसपी को तामिला (execution) की जिम्मेदारी सौंपी थी, ताकि आरोपियों को कोर्ट के सामने पेश कराया जा सके।
बुधवार को जब इस केस की सुनवाई हुई, तो स्थिति वही रही। कोर्ट में कोई भी आरोपी पेश नहीं हुआ। इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने विधायक राकेश प्रताप सिंह समेत उमेश प्रताप सिंह, कुलदीप, अर्पित, रणवीर, सत्यम, प्रशांत और सिम्पल के खिलाफ NBW को जारी रखने का आदेश दिया।
वहीं इस मामले में शामिल अन्य आरोपी अनुराग और बांके बिहारी के खिलाफ अदालत ने जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट का साफ कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और बार-बार पेशी से बचना न्याय प्रक्रिया में बाधा माना जाएगा।
कानूनी जानकारों की मानें तो अगर अगली तारीख पर भी आरोपियों की ओर से कोर्ट में हाजिरी नहीं लगाई जाती है, तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इस पूरे मामले में अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 9 जनवरी तय की है।
फिलहाल इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सबकी नजरें 9 जनवरी की hearing पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि विधायक और अन्य आरोपी कोर्ट के सामने पेश होते हैं या नहीं।

