सुल्तानपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पंचायतीराज विभाग में कार्यरत एक सफाई कर्मी पर फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से धन वसूली करने का आरोप लगा है। आरोपी ने खुद को “दीपक” नाम का आईएएस अधिकारी बताते हुए कई लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
आरोप है कि अखंडनगर विकास खंड में तैनात इस सफाई कर्मी ने शासन के मुख्य सचिव के हस्ताक्षरयुक्त फर्जी परिचय पत्र तैयार कराया। परिचय पत्र में खुद को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात दिखाया गया है। इसी फर्जी पहचान के सहारे उसने लोगों का विश्वास जीतकर उनसे मोटी रकम ऐंठी।
जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के अनुसार आरोपी ने सैलजा, स्वाति, प्रेमप्रकाश समेत कई लोगों से फोनपे, बैंक चेक और नकद माध्यम से लाखों रुपये लिए। साक्ष्यों में मोबाइल मैसेज के जरिये बार-बार पैसे की मांग करने के प्रमाण भी शामिल हैं।
हालांकि इस मामले में अब तक किसी पीड़ित द्वारा लिखित तहरीर दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन मौखिक शिकायत और दस्तावेजी साक्ष्य सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। प्रकरण जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय पहुंचते ही विभाग में हलचल मच गई।
जिला पंचायतराज अधिकारी अभिषेक शुक्ला ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एडीओ पंचायत भदैंया को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित सफाई कर्मी के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और विभाग पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रहा है।

