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सुलतानपुर में अज्ञात कंपनी का जमीन सर्वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास ग्रामीणों में दहशत

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सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के औद्योगिक कॉरिडोर के समीप अज्ञात कंपनी द्वारा सैकड़ों एकड़ जमीन का सर्वे किए जाने का मामला सामने आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम की जिला प्रशासन को कोई पूर्व जानकारी नहीं थी, जबकि संबंधित जमीनों का चिन्हांकन अब गूगल मैप पर भी दिखाई देने लगा है

मामला जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र का है। सुलतानपुर–अंबेडकर नगर मार्ग पर सेमरी के पास से गुजरने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के आसपास स्थित देवपरापुर, ईसुर, बुआपुर और खपड़ाडीह गांवों में बीते दिसंबर माह में कुछ लोग गाड़ियों से पहुंचे थे। ग्रामीणों के अनुसार, इन लोगों ने दूरबीन और नक्शों की मदद से खेतों का सर्वे किया और अलग-अलग स्थानों पर छोटी-छोटी खूंटियां गाड़ दीं

जब ग्रामीणों ने उनसे सर्वे का कारण पूछा, तो उन्हें केवल इतना बताया गया कि जमीनों का सर्वे किया जा रहा है। कुछ दिनों बाद ग्रामीणों ने देखा कि गूगल मैप पर उन्हीं स्थानों पर एक अलग नक्शा उभर आया है, जिसमें ‘आर एंड सी इंफ्रा इंजीनियरिंग रिफ्रेशमेंट एंड कन्वेनियंस’ नामक कंपनी का उल्लेख किया गया है। इस जानकारी के सामने आते ही ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया और जमीन अधिग्रहण की आशंका जताई जाने लगी।

इसके बाद ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पूरे मामले की सूचना जिला प्रशासन को दी। गांव के सूर्यभान सिंह, प्रधान रामकरन यादव और ग्राम ईसुर के प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र वर्मा की सूचना पर प्रशासन हरकत में आया। आलाधिकारियों के निर्देश पर एसडीएम जयसिंहपुर प्रभात सिंह, तहसीलदार और अन्य राजस्व कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची।

अधिकारियों ने खेतों में लगी खूंटियों का निरीक्षण किया और उन्हें हटवा दिया। हालांकि, मौके से किसी तरह का आधिकारिक दस्तावेज या सर्वे से जुड़ी ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। गूगल मैप पर दिख रहे कंपनी के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश भी की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।

एसडीएम प्रभात सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन या प्रशासन स्तर से किसी भी तरह का भूमि अधिग्रहण या सर्वे का आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की कार्रवाई होती है, तो ग्रामीणों को विश्वास में लेकर ही समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल प्रशासन मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है।

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