सुल्तानपुर शहर में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब संत तुलसीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामलीला मैदान परिसर के एक कक्ष में प्राचार्य हत्याकांड के आरोपी अनिल मिश्र (42) का शव फंदे से लटका मिला। शव पंखे से रस्सी के सहारे लटका हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई, वहीं पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार शाम रामलीला मैदान परिसर में एक पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें अनिल मिश्र भी शामिल हुआ था। कार्यक्रम के बाद वह स्कूल के एक कमरे में चला गया। देर रात जब काफी समय तक वह बाहर नहीं आया तो लोगों को शक हुआ। कमरे में जाकर देखा गया तो अनिल का शव पंखे से लटकता मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
अनिल मिश्र मूल रूप से कोतवाली देहात क्षेत्र के मझिलेगांव चैनपुर, भपटा का निवासी था और वर्तमान में शहर के पयागीपुर इलाके में रह रहा था। वह गनपत सहाय पीजी कॉलेज, सीताकुंड में लिपिक के पद पर कार्यरत था। उसकी पत्नी सुषमा मिश्रा संत तुलसीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्रबंधक बताई जा रही हैं।
कोतवाली नगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक धीरज कुमार ने बताया कि मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मौत को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है।
अनिल मिश्र का नाम वर्ष 2011 में हुए बहुचर्चित प्राचार्य हत्याकांड में मुख्य आरोपियों में शामिल था। 23 दिसंबर 2011 की सुबह गनपत सहाय पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रताप बहादुर सिंह और उनके निजी गनर सुरेश सिंह की कॉलेज के सामने बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में प्राचार्य की पत्नी कोकिला सिंह ने कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
लंबी सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने 6 अक्तूबर 2021 को अनिल मिश्र समेत पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में अनिल मिश्र और अन्य आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनिल मिश्र का नाम प्रॉपर्टी डीलिंग से भी जुड़ा रहा है। वह शहर और आसपास के इलाकों में जमीन की खरीद-फरोख्त करता था। विनोबापुरी, लोलेपुर, पयागीपुर और अहिमाने जैसे क्षेत्रों में उसके निवेश की चर्चा रही है।
घटना के बाद से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

