सुलतानपुर शहर में मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था और परंपरा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। आदि गंगा गोमती के तट पर स्थित सीताकुंड घाट पर बृहस्पतिवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। बड़ी संख्या में लोगों ने परिवार के साथ गोमती नदी में पवित्र डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से दोपहर तक घाट पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। स्नान के बाद लोगों ने दान-पुण्य किया और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर गोमती मित्र मंडल के सदस्यों ने घाट पर साफ-सफाई अभियान चलाया, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण में पूजा-पाठ करने में सुविधा मिली।
मकर संक्रांति पर परंपरा के अनुसार खिचड़ी दान का भी विशेष आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को खिचड़ी दान की। वहीं, परशुराम चौराहे पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जहां राहगीरों को खिचड़ी और तिल का प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही शहर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित खिचड़ी भोज में लोगों ने बढ़-चढ़कर प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक आयोजनों के चलते पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं का कहना था कि मकर संक्रांति पर गोमती में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और सालभर सुख-शांति बनी रहती है। आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में स्थानीय स्वयंसेवकों की अहम भूमिका रही।

