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सुल्तानपुर में सुसाइड नोट वायरल: 11.25 लाख बकाया और चार नाम उजागर

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सुल्तानपुर में प्राचार्य हत्याकांड के आरोपी अनिल मिश्र की संदिग्ध मौत के बाद अब मामला सुसाइड नोट को लेकर और गंभीर हो गया है। शहर के रामलीला मैदान स्थित संत तुलसीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के एक कमरे में अनिल मिश्र का शव फंदे से लटका मिलने के बाद बृहस्पतिवार को कथित सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें बकायेदारों के नाम सामने आने का दावा किया जा रहा है।

पयागीपुर निवासी अनिल मिश्र की मौत के बाद चर्चा का केंद्र बना यह सुसाइड नोट मानसिक तनाव, बीमारी और आर्थिक परेशानियों की ओर इशारा करता है। नोट में लिखा गया है कि काफी प्रयासों के बाद उन्हें नौकरी मिली थी और लोग उन्हें पहचानने लगे थे, लेकिन आंखों की कमजोरी और लगातार बढ़ती बीमारी ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। इसमें यह भी उल्लेख है कि वर्ष 2012 के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई और वह किसी तरह के विवाद या लड़ाई-झगड़े में नहीं पड़ना चाहते थे।

सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया है कि वह हर वर्ष रामलीला का आयोजन कराते थे, लेकिन बीमारी और मानसिक दबाव के चलते जीवन से निराश हो गए थे। सबसे अहम बात यह है कि नोट में चार लोगों के नाम लिखे होने का दावा किया जा रहा है, जिन पर करीब 11.25 लाख रुपये की बकायेदारी बताई गई है। इसी बिंदु को लेकर अब पूरे मामले में नई बहस शुरू हो गई है।

हालांकि, पुलिस अभी इस सुसाइड नोट की प्रामाणिकता को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल सुसाइड नोट की गहन जांच की जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह सुसाइड नोट वास्तव में अनिल मिश्र का ही लिखा हुआ है या नहीं। हैंडराइटिंग, कागज और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट की जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों और इससे जुड़े तथ्यों की सही तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल, मामले को हर एंगल से देखा जा रहा है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

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