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बसंत पंचमी पर संस्कारों की शुरुआत: सुल्तानपुर में 151 बच्चों का प्रवेश

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बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर विवेकानंद नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बीच भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर 151 छात्र-छात्राओं का वैदिक रीति से ‘प्रवेश प्रारंभ संस्कार’ विधिवत रूप से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा और हवन के साथ हुई। मंत्रोच्चार और हवन-सामग्री की आहुतियों से पूरा विद्यालय परिसर सुगंधित हो उठा। बसंत पंचमी के अवसर पर विद्यालय को पीले रंग की सजावट से सजाया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह उत्सवमय नजर आया।

हवन-पूजन में सुल्तानपुर विभाग के विभाग संघ चालक डॉ. ए.के. सिंह, सुमन सिंह, विभाग प्रचारक श्री प्रकाश, जिला प्रचारक आशीष, प्रबंधक डॉ. पवन सिंह, डॉ. शिवांगी सिंह, प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डॉ. वी.के. झा सहित कई गणमान्य लोग, आचार्य, आचार्य भगिनी और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। आचार्य महेश कुमार शुक्ल ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ मां शारदे का आह्वान कराया।

प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि बसंत पंचमी के साथ ही शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 6, 9 और 11 तक की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन कक्षाओं के लिए इच्छुक विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा के फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 151 बच्चों का प्रवेश प्रारंभ संस्कार कराया गया, जो नई शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत है।

कार्यक्रम का संचालन संजीव चतुर्वेदी और श्वेता पाण्डेय ने किया। अंत में संयोजिका श्रद्धा सिंह ने अतिथियों, सहयोगियों और विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कई आचार्यों और सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

धार्मिक दृष्टि से बसंत पंचमी को विद्या, संस्कार और सदाचार की शुरुआत का पर्व माना जाता है, और इस अवसर पर बच्चों का प्रवेश प्रारंभ संस्कार भारतीय संस्कृति में शिक्षा को एक पवित्र साधना के रूप में स्थापित करता है।

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