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तमिलनाडु सीएम विजय का बयान, छात्रों से मुलाकात और अन्य बड़ी खबरें

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में चेन्नई में 10वीं और 12वीं कक्षा के मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में मद्रास हाई कोर्ट द्वारा राजनीतिक अभियानों और कार्यक्रमों में बच्चों के इस्तेमाल पर बेहद सख्त टिप्पणियां की गई हैं।

छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र बांटे

इस सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र सौंपे। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे इस कार्यक्रम में किसी मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि छात्रों के एक ‘भाई’ के तौर पर शामिल हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य किसी भी प्रकार से राजनीति करना या आगामी चुनावों के लिए वोट मांगना नहीं है, बल्कि युवाओं का हौसला बढ़ाना है।

मद्रास हाई कोर्ट की हालिया सख्त टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में इस कार्यक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं, जिसके बाद मुख्यमंत्री की तरफ से यह सफाई दी गई है।

ओडिशा के खोरधा में गांजा तस्करी का बड़ा पर्दाफाश

देशभर की अन्य बड़ी खबरों में ओडिशा के खोरधा जिले से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। खोरधा पुलिस ने अंतर-जिला गांजा तस्करी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 67.33 किलो गांजा, 3 कारें, 5 मोबाइल फोन और 12,300 रुपये नकद बरामद किए हैं।

खोरधा के एसपी परमार स्मित परषोत्तमदास के अनुसार, यह गिरोह मुख्य रूप से कंधमाल जिले से अवैध रूप से गांजा खरीदकर ओडिशा के विभिन्न अन्य जिलों में सप्लाई करने का काम करता था। गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में से पांच लोग बालेश्वर जिले के और एक आरोपी भद्रक जिले का रहने वाला है। इस गिरोह में गांजा सप्लाई करने वाले, ट्रांसपोर्टर और सुरक्षा या एस्कॉर्ट करने वाले सभी सदस्य शामिल थे।

दिल्ली पुलिस की महिला हेड कांस्टेबल ने रचा इतिहास

राजधानी दिल्ली से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। साउथ ईस्ट जिले के जैतपुर थाने में तैनात महिला हेड कांस्टेबल चंचल ने मात्र एक साल के भीतर 119 लापता बच्चों को तलाश कर उनके परिजनों से मिलाने में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।

डीसीपी विनीत कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच हेड कांस्टेबल चंचल ने बच्चों के अलावा 16 अन्य लापता वयस्कों का भी पता लगाया। इस प्रकार उन्होंने कुल 135 लापता लोगों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया।

लापता बच्चों की तलाश थी बड़ी चुनौती

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कम उम्र के लापता बच्चों को ढूंढना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे बच्चे अक्सर मानव तस्करी, अवैध श्रम या अन्य प्रकार के शोषण का शिकार होने के बेहद करीब होते हैं। तलाशे गए कुल 119 बच्चों में से 41 बच्चों की उम्र 14 वर्ष से कम थी, जबकि 78 बच्चे 14 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के थे। महिला पुलिसकर्मी की इस मुस्तैदी और सराहनीय कार्य की चारों तरफ प्रशंसा हो रही है।

यह सभी खबरें देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी महत्वपूर्ण और पुष्ट जानकारियों पर आधारित हैं।

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