उत्तर प्रदेश में ठंड, गलन और कोहरे का असर चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन चढ़ने के बाद भी धूप नहीं निकली, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। सर्द पछुआ हवाओं और घने कोहरे ने सड़क व रेल यातायात की रफ्तार धीमी कर दी, जबकि खुले इलाकों में गलन ने लोगों को दिनभर ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को न्यूनतम तापमान के लिहाज से अयोध्या और आजमगढ़ प्रदेश के सबसे ठंडे जिले रहे, जहां पारा गिरकर करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई अन्य जिलों में भी रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। दिन के समय भी ठंडी हवाओं के कारण धूप बेअसर रही और शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रही।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने बृहस्पतिवार के लिए प्रदेश के तराई और दक्षिणी हिस्सों के 24 जिलों में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 32 जिलों में शीत दिवस की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कोहरे की वजह से दृश्यता कम रहेगी, जिससे सुबह और रात के समय यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, 9 से 11 जनवरी के बीच प्रदेश को ठंड और कोहरे से आंशिक राहत मिल सकती है। इस दौरान दिन और रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी के आसार हैं और कोहरे का घनत्व भी कुछ हद तक कम होगा। हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। 12 जनवरी से एक बार फिर तापमान में गिरावट आने और ठंड के तेज होने के संकेत हैं।
शीत दिवस की आशंका वाले जिलों में पूर्वी, मध्य और पश्चिमी यूपी के कई इलाके शामिल हैं। इनमें कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर नगर व देहात, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं शामिल हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि अत्यधिक ठंड और कोहरे को देखते हुए सुबह और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें और गर्म कपड़ों का प्रयोग करें। आने वाले दिनों में मौसम की हर अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

