ग्रेटर नोएडा में पति-पत्नी और 3 बच्चों की मौत के मामले में दो बहनों और एक बहनोई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को पति महेश के मोबाइल फोन की जांच करने पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली है। इसमें महेश इस पूरी घटना का जिम्मेदार अपनी बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को बताया है। दूसरी ओर, शनिवार रात करीब 12 बजे महेश के साथ उसकी पत्नी और तीनों बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। भतीजे तुषार ने मुखाग्नि दी। एक ही परिवार की 5 अर्थियां साथ उठने से गांव का हर शख्स दुखी दिखा। 400-500 लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इस दौरान 5 थानों के 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौजूद रहे। मामला रबूपुरा थाना क्षेत्र का है। पहले अंतिम संस्कार की 2 तस्वीरें… अब पूरा मामला विस्तार से माता-पिता ने सब कुछ बेटियों के नाम किया नगला श्रीपदम गांव में महेश (37) पत्नी ललिता (35), बेटे लड्डू (11), साक्षत (3) और बेटी मिष्टी (7) के साथ रहता था। महेश के पिता किशनलाल रेलवे विभाग में काम करते थे। करीब 20 साल पहले वह पत्नी चंद्रावती के साथ दिल्ली के खेड़ाकला गांव से नगला पदम आकर रहने लगे थे। यहां किशनलाल ने चंद्रावती के नाम 2000 से 2005 के बीच करीब 10 बीघा जमीन खरीदी थी। 2009 में यमुना प्राधिकरण से इस जमीन के बदले करीब 1.25 करोड़ रुपए मुआवजा मिला। गांववालों का दावा है कि मुआवजे की रकम किशनलाल ने अपनी तीनों बेटियों में बांट दी थी। पिता की मौत के बाद मां ने पैतृक घर भी बेटी के नाम किया 2023 में किशनलाल की मौत हो गई। इसके बाद महेश की मां चंद्रावती ने दिल्ली स्थित पुश्तैनी मकान भी बेटियों के नाम कर दिया था। इतना ही नहीं, नगला श्रीपदम गांव का 167 वर्गमीटर का मकान भी 18 अगस्त, 2025 को एक बेटी को बेच दिया। महेश परिवार के साथ इसी मकान में रहता था। जब यह बात महेश को पता चली, तो उसका मां से झगड़ा होने लगा। हालांकि, संपत्ति का वास्तविक बंटवारा कैसे हुआ, किस तरह सभी हिस्सों को मां ने बेच दिया या पिता ने मरने के पहले कोई वसीयत की थी, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। जानिए 5 मौतों के बाद क्या सवाल उठ रहे ननद और ननदोई से पुलिस कर रही पूछताछ मृतका ललिता के भाई आकाश की शिकायत पर रबूपुरा थाने में महेश की बहनों सुनीता (45), सपना (32) और बहनोई शेखर (50) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। रबूपुरा थाने के प्रभारी निरीक्षक श्याम बाबू शुक्ला ने बताया- दोनों बहनों और एक बहनोई को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। मृतक महेश के घर के आस-पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए, जिनमें कोई भी बाहरी व्यक्ति घर में आता नहीं दिखा है। पांचों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित किया है। मेले से लौटकर खाए नूडल्स, सुबह मिले शव 16 अक्टूबर (शुक्रवार) की रात महेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रबूपुरा अनाज मंडी में चल रही रामलीला और काली मेले में गया था। रात 10 से 10:30 बजे पूरा परिवार घर लौटा। इसके बाद सभी ने नूडल्स खाए और सो गए। शनिवार सुबह करीब 8 बजे महेश के बड़े बेटे लड्डू का दोस्त उसे स्कूल जाने के लिए घर बुलाने पहुंचा। खटखटाने पर भी काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखा तो पांचों बिस्तर पर पड़े थे। एक बच्चे के मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिस घर पहुंची, तो महेश बेटे से लिपटा बेड पर मृत पड़ा था। दूसरे बेड पर मां छोटे बेटे और बेटी से लिपटी पड़ी थी। ————————— ये खबर भी पढ़ें… मेरठ सांप कांड-जज ने फैसले में 4 बड़ी हत्याएं गिनाईं:दामिनी, इल्मा, सोनम, सिया का नाम लिया; जानिए कौन हैं ये लड़कियां मेरठ के सांप कांड में पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को 16 अक्टूबर को सजा-ए-मौत दी गई। जजमेंट में जज ने सिर्फ रविता केस का जिक्र नहीं किया। देश में सामने आए ऐसे कई मामलों को भी फैसले का हिस्सा बनाया, जिनमें प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या की साजिश पत्नी ने रची। पढ़िए पूरी खबर




