ब्लैकमेलर या किलर…कौन है श्रद्धा दुबे:पति-बच्चे को छोड़ ग्लैमर चुना, डॉन के गुर्गे संग लिव-इन में रही; नेपाल में है या दुबई भागी

एक मिडिल क्लास परिवार की लड़की, जिसने बचपन में मां को खो दिया। सौतेली मां से नहीं बनी, तो घर छोड़ दिया। शादी हुई, एक बच्चा भी हुआ, लेकिन मन में ‘ग्लैमर’ की दुनिया में छा जाने की जिद थी। फैशन और मॉडलिंग में कदम रखा। फिर अंडरवर्ल्ड, रसूखदार नेताओं और बड़े अफसरों के संपर्क में आई। लखनऊ की चकाचौंध में कभी वह पहाड़ों के बीच लग्जरी ट्रिप करती दिखती, तो कभी उसकी रील में प्राइवेट बाउंसर और पुलिसकर्मी नजर आते। फिर एक रात अचानक 28 साल के बिजनेसमैन की उसी बिल्डिंग से गिरकर मौत हो गई, जहां वह लड़की रहती है। इसके बाद लड़की का नाम ब्लैकमेलिंग और टॉर्चर से जुड़ने लगा। हम बात कर रहे हैं श्रद्धा दुबे की, जो आज पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए पहेली बनी है। 25 हजार की इनामी श्रद्धा नेपाल के रास्ते फरार है। पुलिस उसकी तलाश में है। श्रद्धा दुबे के संघर्ष से जुर्म के दलदल में फंसने और फरारी तक की पूरा कहानी, आज की संडे बिग स्टोरी में पढ़िए… श्रद्धा दुबे रायबरेली की रहने वाली है। बस्तेपुर इलाके के रामजीपुरम कॉलोनी में उसका घर है। पिता एसके दुबे यहीं रहते हैं। सिंचाई विभाग में जेई के पद से रिटायर्ड हैं। श्रद्धा जब 6-7 साल की थी, तब उसकी मां का निधन हो गया था। पिता ने दूसरी शादी कर ली थी। यहीं से श्रद्धा की जिंदगी में कड़वाहट घुलनी शुरू हुई। सौतेली मां के साथ उसकी कभी नहीं बनी। पिता भी अक्सर अपनी दूसरी पत्नी का ही पक्ष लेते थे। रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर श्रद्धा छोटी बहन रश्मि को लेकर लखनऊ आ गई। अपने एक रिश्तेदार के यहां रहने लगी। 2010 में पिता एसके दुबे ने श्रद्धा की शादी प्रतापगढ़ के रहने वाले लोकेश पांडेय से तय कर दी। लोकेश हैदराबाद की एक बड़ी आईटी (IT) कंपनी में काम करते हैं। शादी के बाद लोकेश श्रद्धा को अपने साथ हैदराबाद ले गए। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला। श्रद्धा ने लोकेश से कहा कि वह फैशन डिजाइनिंग और मॉडलिंग में अपना करियर बनाना चाहती है। लोकेश ने उसका पूरा सपोर्ट किया। उसे कोर्स में एडमिशन दिलवाया। इसी दौरान दोनों का एक बेटा भी हुआ। रायबरेली में रामजीपुरम मोहल्ले के लोग बताते हैं- लोकेश चाहते थे कि श्रद्धा उनके और बच्चे के साथ हैदराबाद में सेटल हो जाए। लेकिन, श्रद्धा को लखनऊ ज्यादा पसंद था। इसी को लेकर श्रद्धा का लोकेश से झगड़ा होने लगा। आखिरकार 2022 में दोनों का तलाक हो गया। कोर्ट के आदेश पर बच्चे की कस्टडी लोकेश को मिल गई। तलाक के बाद श्रद्धा ने अपने पूरे परिवार से रिश्ता तोड़ दिया। रायबरेली जाना भी पूरी तरह बंद कर दिया। तलाक के बाद करीब एक साल तक श्रद्धा सोशल मीडिया और पब्लिसिटी से दूर रही। लेकिन, 2023 के अंत तक दोबारा फैशन इंडस्ट्री में कदम रखा। 2024 की शुरुआत में श्रद्धा ने जयपुर में आयोजित एक बड़े नेशनल ड्रेस कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया। इसके बाद दिल्ली-लखनऊ के बड़े-बड़े फैशन शो में नजर आने लगी। 2024 में श्रद्धा ने दर्जनों प्रमोशनल पोस्ट किए, जिसके लिए उसे मोटी रकम मिली। इस दौर में श्रद्धा की लाइफस्टाइल देखकर लगता था कि वह एक सक्सेस मॉडल बन चुकी है। लेकिन, यह तो सिर्फ पर्दे के आगे की कहानी थी… श्रद्धा लग्जरी लाइफ और जल्दी अमीर बनना चाहती थी। 2024 के आखिर में लखनऊ के एक पब में उसकी मुलाकात जुल्फिकार उर्फ ‘जुल्फी खान’ से हुई। जुल्फिकार जौनपुर के खेतासराय का रहने वाला है। वह खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम का करीबी बताता है। इसी का नाम लेकर लोगों को डराता-धमकाता है। पिछले 15 साल से लखनऊ में ही रहता है। श्रद्धा और जुल्फिकार की दोस्ती जल्द ही पार्टनरशिप में बदल गई। दोनों लखनऊ के पॉश इलाके बटलर पैलेस के पास एक लग्जरी फ्लैट में ‘लिव-इन’ में रहने लगे। जुल्फिकार अपनी नई फॉर्च्यूनर और रसूख के दम पर श्रद्धा को बड़े-बड़े नेताओं, पुलिस अफसरों और बिल्डरों से मिलवाता था। श्रद्धा अपनी खूबसूरती और बातों के जाल में इन हाई-प्रोफाइल लोगों को फंसाती थी। इसके बाद जुल्फिकार और श्रद्धा मिलकर उन लोगों से ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलते थे। जुल्फिकार के अलावा श्रद्धा का नाम हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह उर्फ ‘बाबू सिंह’ के साथ भी जुड़ा। बाबू सिंह अपहरण और रंगदारी के मामलों में जेल जा चुका है। श्रद्धा की जिंदगी में अब मॉडलिंग पीछे छूट चुकी थी। उसकी जगह प्राइवेट बाउंसरों, गनमैन और अंडरवर्ल्ड के क्रिमिनल्स ने ले ली थी। श्रद्धा की इस काली दुनिया का सबसे खौफनाक शिकार बना 28 साल का युवा कारोबारी शिवा शर्मा। शिवा अलीगंज इलाके में ‘वंदे मातरम’ नाम से कपड़े की शॉप और ‘आंगन’ नाम से रेस्टोरेंट चलाता था। एक पब में कॉमन फ्रेंड के जरिए शिवा की मुलाकात श्रद्धा से हुई। श्रद्धा के हुस्न के जाल में फंसकर शिवा उससे दिल लगा बैठा। जुलाई, 2026 में दोनों हजरतगंज के पॉश ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ में साथ रहने लगे। शिवा ने श्रद्धा की फिजूलखर्ची और लग्जरी शौक पूरे करने में अपने करोड़ों रुपए लुटा दिए। इससे उसका कारोबार बर्बादी की कगार पर पहुंच गया। 9 अक्टूबर की शाम अवध ग्रीन अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर से गिरकर शिवा की मौत हो गई। जब शिवा का शव नीचे मिला, तो उसके शरीर पर केवल अंडरवियर था। शरीर पर कई जगह लिपस्टिक के निशान थे। सीने और हाथों पर सिगरेट से जलाए जाने के गहरे घाव थे। मौत से ठीक पहले श्रद्धा की बहन रश्मि ने शिवा की मां को फोन किया था। झूठ बोला कि शिवा का एक्सीडेंट हो गया है। वे उसे लोहिया अस्पताल ले जा रहे हैं। जबकि असल में शिवा को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। शिवा की मां रंजना शर्मा का आरोप है कि उनके बेटे की हत्या हुई है। उसे टॉर्चर करके कूदने पर मजबूर किया गया। शिवा की मौत से पहले का एक वीडियो सामने आया, जिसमें श्रद्धा शिवा को डांट रही है। उसे जेल भिजवाने की धमकी दे रही है। असल में, 30 अगस्त को गोमती नगर के एक पब में फायरिंग हुई थी। इसमें शिवा भी नामजद था। वह फरार हो गया, तो पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया। बाद में शिवा को पटना (बिहार) से गिरफ्तार किया गया था। कुछ दिन जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिल गई थी। शिवा जेल जाने से डर गया था। इसी बात का फायदा श्रद्धा ने उठाया। वह उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। वीडियो में शिवा कह रहा था- मेरे पास कैश नहीं है। तुम मेरी BMW कार ले लो, पर मुझे छोड़ दो। शिवा की मौत के बाद जैसे ही मामले ने तूल पकड़ा, श्रद्धा रातोंरात फरार हो गई। 10 अक्टूबर की सुबह 6 बजे श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर बहराइच के रुपईडीहा पहुंच गए। यहां शुक्ला पार्किंग में स्कॉर्पियो खड़ी की और नेपाल में घुस गए। श्रद्धा पहले भी फैशन शो और इवेंट के सिलसिले में नेपाल जाती रही है। वहां उसका पुराना नेटवर्क है। नेपाल से उसकी कई सीसीटीवी तस्वीरें भी सामने आई हैं। श्रद्धा की आखिरी लोकेशन नेपाल के दांग जिले के भालुवांग इलाके में मिली है। यहां उसने अपना भारतीय मोबाइल नंबर बंद कर दिया। फिर शायद नेपाली सिम के जरिए लोगों से बातचीत की। क्या नेपाल के रास्ते दुबई भाग गई श्रद्धा? फिलहाल, यूपी STF और लखनऊ पुलिस की कई टीमें नेपाल में डेरा डाले हैं। नेपाल पुलिस के सहयोग से संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि श्रद्धा फर्जी पासपोर्ट के सहारे काठमांडू से दुबई या किसी अन्य खाड़ी देश भाग चुकी है। —————————- यह खबर भी पढ़ें- भाजपा का हाथ थामने वाले अफसर ही राजनीति में सफल, पार्टी बनाने वाले अधिकारी संघर्ष कर रहे यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में 2 IAS और 2 PCS अधिकारी पहली बार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। पिछले 12 साल में अब तक 14 IAS-IPS सियासत में आ चुके हैं। लेकिन, सफल वही हुए, जिन्होंने सत्ता का हाथ थामा। जिन्होंने नई पार्टी बनाकर अलग रास्ता चुना, वे सियासी दलदल में उलझकर रह गए। यूपी की राजनीति में अधिकारियों का सक्सेस रेट क्या रहा, आज की संडे बिग स्टोरी में पढ़ते हैं…

Content writer specializing in creating engaging and meaningful web content. I love turning ideas into words that connect with readers.

Leave a Comment