देवरिया में सड़कों और बाजारों में सुबह के समय कूड़ा नहीं उठने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। कई स्थानों पर रविवार को दोपहर 12 बजे तक सड़क किनारे और बाजारों के आसपास कूड़े के ढेर नजर आए। धूप बढ़ने के साथ कचरे से दुर्गंध फैलने लगी, जिससे दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को परेशानी हुई। दोपहर तक सड़क किनारे पड़ा रहता है कचरा स्थानीय लोगों के मुताबिक शहर में सफाई कर्मचारियों की तैनाती के साथ कूड़ा उठाने वाले वाहन भी संचालित हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में सुबह की पाली में कूड़ा नहीं उठाया जाता। घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़क किनारे या निर्धारित स्थानों पर जमा रहता है। इससे बाजारों और प्रमुख मार्गों पर गंदगी बनी रहती है। धूप बढ़ते ही फैलती है दुर्गंध सुबह के बाद धूप तेज होने पर कूड़े के ढेर से दुर्गंध आने लगती है। दुकानदारों को पूरे दिन इसी वातावरण में बैठकर काम करना पड़ता है। खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को भी कूड़े के आसपास से होकर गुजरना पड़ता है। लोगों का कहना है कि सुबह ही कूड़ा उठ जाए तो दुर्गंध और गंदगी की समस्या काफी कम हो सकती है। कूड़े के ढेर पर जुटते हैं आवारा पशु सड़क किनारे पड़े कचरे में खाद्य सामग्री की तलाश में आवारा पशु पहुंच जाते हैं। कई बार ये पशु सड़क तक आ जाते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है। व्यस्त मार्गों पर अचानक पशुओं के सामने आने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। मक्खियों और कीटों से बीमारी का खतरा खुले में लंबे समय तक कचरा पड़ा रहने से आसपास गंदगी का माहौल बना रहता है। कूड़े पर मक्खियों और अन्य कीटों के मंडराने से स्थानीय लोगों में बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। घनी आबादी और बाजार वाले क्षेत्रों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। नगर पालिका से समयबद्ध सफाई की मांग स्थानीय लोगों ने नगर पालिका से सुबह के समय नियमित और समयबद्ध कूड़ा उठान सुनिश्चित कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल कर्मचारियों और वाहनों की तैनाती पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी भी जरूरी है। जिन स्थानों पर रोज कूड़ा जमा होता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुबह सफाई कराई जानी चाहिए। मामले में नगर पालिका के ईओ संजय तिवारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।




