वाराणसी कांग्रेस कार्यालय पर भाजयुमो ने गाया वंदेमातरम, नारेबाजी-प्रदर्शन:कांग्रेस अध्यक्ष समेत नेताओं से नोकझोंक, पुलिस ने कार्यालय पर बिठाया पहरा

वाराणसी भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा महानगर टीम ने स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् के अपमान किए जाने के विरोध प्रदर्शन किया। वंदेमातरम को रोकने के प्रयास का आरोप लगाया। मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा पर एकत्रित होकर मशाल जुलूस शुरू हुआ। सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ निकला जुलूस कबीर चौरा से मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचा। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर खड़े होकर राष्ट्रगीत वन्देमातरम का गान कियाl विरोध रोकने पहुंचे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने कार्यालय के अंदर बंद करते हुए सख्त पहला बछा दिया। पुलिस की मौजूदगी में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं को जमकर खरीखोटी सुनाई। कांग्रेस कार्यालय गेट के अंदर से कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर नाराजगी जताई। बाहर उपद्रव का आरोप लगाते हुए दोनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। मामला को संभालते हुए पुलिस ने सभी पर काबू पाया। कांग्रेसियों ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। गौरतलब है कि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन कांग्रेस मुख्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान का एक वीडियो सामने आया, जिसमें राष्ट्रगान/वंदे मातरम् बजने के दौरान कांग्रेस के बड़े नेता आपस में बातचीत करते हुए नजर आए। इसी वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा ने इसे राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ का अपमान बताया है। तस्वीरों में देखिए भाजपा का प्रदर्शन स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय नई दिल्ली में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान के आरोप ने सियासत तेज कर दी है। विवाद के तूल पकड़ने पर भाजपा महानगर वाराणसी टीम ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी का विरोध किया। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ को रोकने का आरोप लगाते हुए सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। कांग्रेस कार्यालय पर महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल के नेतृत्व में पहुंचे तमाम कार्यकर्ताओं ने हाथ में पोस्टर लेकर वंदेमातरम गाया। भाजयुमो नेताओं ने कहा कि कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा है। उन्होंने बताया कि इस गीत ने क्रांतिकारियों और देशभक्तों को मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा दी। राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत या तिरंगे का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए। राजनीतिक दलों से एक समान सम्मान का संदेश देने का आग्रह किया, ताकि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक परंपराएं मजबूत हों।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष बोले, पत्थर चलाए आग लगाने की कोशिश भाजपा के प्रदर्शन को लेकर एसीपी कोतवाली विजय कुमार के नेतृत्व में मैदागिन चौराहे से लेकर कबीरचौरा अस्पताल तक फोर्स तैनात किया गया था। प्रदर्शन की सूचना पाकर आए कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने उनके कार्यालय में रोक दिया। गेट पर पुलिस का पहरा बैठाया तो कांग्रेसी आग बबूला हो गए। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने प्रदर्शनकारियों को खरी खटी सुनाई, वहीं जवाब में भाजयुमो नेताओं ने अमर्यादित भाषा में नारेबाजी की। आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ता मशाल लेकर कार्याल पर आग लगाने आए थे, उन लोगों पत्थर भी चलाए। हमने पानी फेंककर आग बुझाई तो पत्थरों का जवाब शब्दों से दिया। पुलिस पर मानमानी का आरोप लगाकर कोई कार्रवाई नहीं करने से कांग्रेस नेता धरने पर बैठ गए। राघवेंद्र चौबे ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है, जिसे भाजपा नेताओं और प्रशासन की मिली भगत से अंजाम दिया जा रहा है।

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