अग्निवीरों का कार्यकाल 2 साल बढ़ा: अब 6 साल होगी सर्विस, CDS का ऐलान

भारतीय सेना में शामिल होने वाले युवाओं के लिए एक बेहद अहम और राहत भरी खबर सामने आई है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को अग्निवीरों की सेवा अवधि में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 2 साल बढ़ाने का आधिकारिक ऐलान किया है। इस नए बदलाव के बाद अब युवाओं को सेना में 4 साल की जगह कुल 6 साल तक सेवा करने का अवसर मिलेगा। इस फैसले से देश के करीब 3.18 लाख अग्निवीरों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

अग्निवीरों की सर्विस अब 4 से बढ़कर हुई 6 साल

घोषित नई व्यवस्था के अनुसार, अग्निपथ योजना के तहत चार साल का शुरुआती कार्यकाल पूरा करने वाले 75% अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि प्रदान की जाएगी। इसके बाद, जो सैनिक सेना में आगे भी अपनी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं, वे निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से सशस्त्र बलों में नियमित रूप से भर्ती हो सकेंगे।

सीडीएस के मुताबिक, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को परमानेंट नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिलेगा। इसके अलावा, सेवा विस्तार पाने वाले सभी जवानों को बढ़ी हुई सैलरी और विशेष भत्ते भी दिए जाएंगे। वर्तमान समय में देश की तीनों प्रमुख सेनाओं (थल सेना, वायुसेना और नौसेना) में लगभग 3.18 लाख अग्निवीर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

अग्निपथ योजना का मूल नियम और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा 14 जून 2022 को ‘अग्निपथ योजना’ की शुरुआत की गई थी। इस योजना के अंतर्गत भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना में युवाओं की भर्ती चार साल की अवधि के लिए की जाती है। योजना के मूल प्रावधानों के तहत, हर बैच के अधिकतम 25% अग्निवीरों को ही चार साल की सेवा पूरी होने के बाद नियमित सेना में शामिल किए जाने का नियम था।

चयन की इस प्रक्रिया में जवानों के कार्य, अनुशासन, प्रदर्शन और सेना की तत्कालीन सामरिक जरूरतों को मुख्य आधार बनाया जाता है। अब नई घोषणा के बाद, बाकी बचे हुए 75% अग्निवीरों को दो साल और देश की सेवा करने का अतिरिक्त अवसर मिल सकेगा। छह साल का पूरा कार्यकाल समाप्त होने के बाद, जो अग्निवीर सेना में बने रहना चाहेंगे, वे नियमित भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए उन्हें सेना की तयशुदा चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करना होगा।

दिसंबर तक 18,300 अग्निवीरों का पूरा होना था कार्यकाल

आंकड़ों के मुताबिक, आगामी 31 दिसंबर तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला था। यह संख्या पहले बैच में कुल भर्ती हुए 24,400 अग्निवीरों का लगभग 75 प्रतिशत है। पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार, नवंबर के मध्य से इन 75% अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से मुक्त किया जाना था।

हालांकि, अब संशोधित व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी जवानों को दो साल का अतिरिक्त समय मिल जाएगा। यह सेवा विस्तार पूरी तरह से अग्निवीरों की अपनी सहमति पर निर्भर करेगा।

भारतीय वायुसेना का पहले ही आ चुका है बड़ा फैसला

इससे पहले पिछले महीने ही भारतीय वायुसेना ने अपने पहले अग्निवीर वायु बैच के कुल 2,850 रिक्रूट्स में से 712 जवानों को नियमित सेवा में बनाए रखने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। अब सेना के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सेवा अवधि बढ़ाए जाने के इस ताजा फैसले से देश के लाखों युवाओं का भविष्य और अधिक सुरक्षित व उज्जवल होने की उम्मीद बंध गई है।

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