FSSAI Action: देशभर में 3,280 टन मिलावटी खाना जब्त, 82 करोड़ कीमत

त्योहारों के सीजन के दौरान देशवासियों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) द्वारा देश भर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान भारी मात्रा में मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई है। इस देशव्यापी कार्रवाई में कुल 3,280 टन मिलावटी खाने का सामान पकड़ा गया है, जिसकी बाजार में कुल कीमत करीब 82 करोड़ रुपये आंकी गई है।

त्योहारी सीजन में FSSAI का बड़ा अभियान

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष अभियान आगामी और हाल ही में बीते त्योहारों के मद्देनजर मिलावट पर लगाम लगाने के लिए चलाया गया था। यह अभियान 1 सितंबर से 5 नवंबर के बीच देशभर में चलाया गया, जिसके तहत अधिकारियों ने ताबड़तोड़ निरीक्षण किए।

इस अवधि के दौरान देश भर में कुल 56,431 दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि पनीर, घी, दूध और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों समेत कई प्रमुख खाद्य उत्पाद तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इस बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त एक्शन लेते हुए कुल 314 दुकानें सील कर दी गईं।

क्या है FSSAI और इसके अधिकार?

खाद्य पदार्थों में मिलावट की खबरों के बीच यह जानना जरूरी है कि FSSAI क्या है और इसके पास किस तरह की कानूनी शक्तियां हैं:

  • परिचय: FSSAI का पूरा नाम फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Food Safety and Standards Authority of India) है। यह देश की सबसे बड़ी और सर्वोच्च फूड रेगुलेटरी बॉडी है।
  • मुख्य कार्य: इसका मुख्य उद्देश्य देश भर में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता के मानक तय करना तथा उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।
  • मंत्रालय: यह संस्था केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्य करती है।
  • स्थापना: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 को 23 अगस्त 2006 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी, जिसके तहत वर्ष 2008 में FSSAI की स्थापना की गई। इससे पहले खाद्य पदार्थों से जुड़े नियम अलग-अलग कानूनों और विभागों के अंतर्गत आते थे, जिन्हें इस एकल व्यवस्था के तहत लाया गया।

FSSAI की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया

आम जनता के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या FSSAI सीधे तौर पर किसी दुकान को सील कर सकती है या किसी को सजा दे सकती है? FSSAI के नियमों और कार्यप्रणाली के अनुसार:

  • दुकान सील करने का अधिकार: हां, खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियमों के तहत जांच कर सकते हैं, नमूने (सैंपल) ले सकते हैं और संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त कर सकते हैं। लाइसेंसिंग और जिला स्तर के अधिकारी लाइसेंस निलंबित या रद्द कर सकते हैं। नियमों के गंभीर उल्लंघन पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रतिष्ठान को सील करने की कार्रवाई भी की जाती है।
  • सीधे जेल भेजने का अधिकार: नहीं। FSSAI या उसके अधिकारी सीधे तौर पर किसी व्यक्ति को जेल नहीं भेजते हैं। वे केवल जांच, सैंपलिंग और कानूनी अभियोजन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं। अपराध की प्रकृति और गंभीरता के अनुसार मामला अदालत में पेश किया जाता है, जिसके बाद न्यायपालिका कानून के तहत सजा तय करती है।

FSSAI और अन्य संबंधित विभागों की इस सख्त कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण और अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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