जम्मू-कश्मीर में 75 दिनों में 30 आतंकी सहयोगी गिरफ्तार, श्रीनगर से 2 अरेस्ट

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ अपने अभियान को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने राजधानी श्रीनगर से आतंकवादियों के दो मददगार सहयोगियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह पूरी कार्रवाई एक बड़े आतंकी मॉड्यूल की चल रही जांच और उसके नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने का हिस्सा है।

महिलाओं को निशाना बना रहा था आतंकी मॉड्यूल

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस सक्रिय आतंकी मॉड्यूल के जरिए विशेष रूप से महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा था। आरोप है कि इसके माध्यम से क्षेत्र में अलगाववादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था और युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी गुमराह करने की साजिश रची जा रही थी।

बांदीपोरा पुलिस ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और उनके मददगारों को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश की सुरक्षा और शांति के खिलाफ किसी भी तरह की देशविरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

75 दिनों में 30 आतंकी सहयोगी गिरफ्तार

सुरक्षा एजेंसियों से मिले आंकड़ों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में पिछले 75 दिनों के भीतर कुल 30 आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आतंकवादियों को पनाह देने, रसद मुहैया कराने और उनकी वैचारिक मदद करने वाले इस तरह के नेटवर्क पर सुरक्षा बलों की पैनी नजर बनी हुई है। हालिया गिरफ्तारियों में पकड़े गए आरोपियों की पहचान इरशाद अहमद भट और शौकत अहमद रेशी के रूप में की गई है, जिनसे सुरक्षा एजेंसियां कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं।

काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) की बड़ी छापेमारी

स्थानीय पुलिस के साथ-साथ काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने भी सीमा पार से संचालित हो रहे संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल, ऑनलाइन कट्टरपंथी नेटवर्क और आतंकी फंडिंग के खिलाफ अपनी कार्रवाई को बेहद तेज कर दिया है। इसी रणनीति के तहत CIK ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए श्रीनगर, बडगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिलों में एक साथ छह अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की।

यह तलाशी अभियान प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से कथित रूप से जुड़े सोशल मीडिया आधारित भर्ती नेटवर्क के संबंध में चलाया गया था। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं।

पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से कनेक्शन की जांच

जांच एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच करके सीमा पार यानी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और स्थानीय स्तर पर सक्रिय उनके सहयोगियों के बीच के संभावित संबंधों का पर्दाफाश करना है। इसके साथ ही, इस जांच के दायरे में श्रीनगर के ह होकेरसर और बडगाम के मागम से जुड़े पुराने मामलों के कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि इस पूरे नापाक षड्यंत्र की तह तक पहुंचा जा सके।

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