Rahul Gandhi Challenges PM Modi For Debate: राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दिया बहस का चैलेंज, अमित शाह का पलटवार

राहुल गांधी का पीएम मोदी को खुला चैलेंज

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को सार्वजनिक बहस (डिबेट) की चुनौती दी है। मंगलवार को जारी किए गए एक वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने पीएम मोदी से कहा कि वह देश विरोधी कौन है और विदेशी ताकतों के कनेक्शन जैसे तमाम गंभीर मुद्दों पर उनके साथ खुली चर्चा करें। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे इस डिबेट से डरें नहीं और किसी भी मंच व जगह का चुनाव कर सकते हैं।

वीडियो में राहुल गांधी ने उठाए कई बड़े सवाल

करीब डेढ़ मिनट के इस वीडियो में राहुल गांधी ने कई तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उन पर देशद्रोही होने और विदेशी ताकतों से जुड़े होने का आरोप लगाते हैं, तो ऐसे में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाना चाहिए। राहुल गांधी ने वीडियो में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही है:

  • देश में वित्तीय प्रणाली (Financial System) और फाइनेंशियल स्ट्रक्चर की स्थिति।
  • अमेरिका के साथ हुई डील (US Deal) इतनी जल्दी क्यों की गई और कैबिनेट को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।
  • अडानी से जुड़े मामले को बंद किए जाने का कारण।
  • एपस्टीन और अन्य विदेशी कनेक्शन से जुड़े मामले।
  • मानहानि के मामलों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि उनके ऊपर कई मानहानि के मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन फॉरेन कनेक्शन और डिबेट के इस मामले पर कोई मानहानि का केस नहीं लगाया जा रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह का तीखा पलटवार

राहुल गांधी की इस चुनौती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा पलटवार किया है। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद की तरह एक नकली संसद बनाकर असली संसद का मखौल उड़ाया है और केवल चर्चा का नाटक किया है।

गृह मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, बशर्ते विपक्ष संसद को चलने दे। शाह ने कहा कि सरकार विशेष सत्र बुलाकर एसआईआर (SIR) जैसे मुद्दों पर भी चर्चा करने को तैयार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का समर्थन नहीं होता, बल्कि आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए।

राहुल गांधी पहले भी दे चुके हैं बहस की चुनौतियां

यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित किया हो। इससे पहले भी वे कई बार सार्वजनिक मंचों से डिबेट की मांग कर चुके हैं:

  • अगस्त 2018: कर्नाटक के बेलगाम में राफेल डील को लेकर उन्होंने पीएम मोदी से बहस कराने की चुनौती दी थी।
  • जनवरी 2019: लोकसभा के भीतर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की तर्ज पर प्रधानमंत्री के साथ 20 मिनट की ‘वन-टू-वन’ डिबेट करने की मांग उठाई थी।
  • अप्रैल 2019: भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घोषणापत्र जारी करने के बाद और एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने ट्वीट कर बहस के लिए ललकारा था।
  • साल 2024 चुनाव से पहले: पूर्व न्यायाधीशों (मदन लोकुर और एपी शाह) के माध्यम से नेशनल सिक्योरिटी, अडानी और इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे विषयों पर डिबेट के लिए पत्र भेजा था।

राजनीतिक सरगर्मी और विदेशी फंडिंग का मुद्दा

एक तरफ जहां राहुल गांधी डिबेट की मांग पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर यह दावा किया था कि नरेंद्र मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने हैं और आज भी उसी मदद से सत्ता में हैं। इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) आक्रामक हो गई है। भाजपा देश भर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चला रही है। इसी कड़ी में कोलकाता में भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के हाथों में खेलकर देश में अस्थिरता पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया है।

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