शिवसेना (UBT) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने बयानों पर बड़ा खुलासा किया है। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ उनका संवाद साल 2019 के बाद से पूरी तरह बंद हो चुका है और उसके बाद से दोनों पक्षों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है।
संजय राउत की नई किताब ‘बोध कीर्तन’ का विमोचन
यह बयान मुंबई में शिवसेना (UBT) सांसद और पार्टी मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत की नई किताब ‘बोध कीर्तन’ के विमोचन समारोह के दौरान सामने आया। इस पुस्तक में संजय राउत के दार्शनिक विचारों, उनके अनुभवों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद दिए गए भाषण पर एक विशेष लेख को शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दो दिन पुराने उस बयान पर भी चर्चा हुई, जिसमें फडणवीस ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद से उद्धव ठाकरे ने उन्हें फोन नहीं किया और वह इंतजार करते रह गए थे। इस कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे के अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे भी मौजूद थे।
बीजेपी से 2019 के बाद से कोई बातचीत नहीं
देवेंद्र फडणवीस के बयान का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी से बातचीत 2019 में ही बंद हो गई थी और उसके बाद दोबारा कभी शुरू नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों के फोन आना बंद हुए थे और फिर वे हमेशा के लिए बंद हो गए।
गौरतलब है कि साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर उपजे विवाद के चलते अविभाजित शिवसेना ने अपने लंबे समय के पुराने सहयोगी बीजेपी से गठबंधन तोड़ लिया था। इसके बाद साल 2022 में शिवसेना में बड़ा राजनीतिक विभाजन हुआ, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट बीजेपी के साथ मिलकर सरकार में शामिल हो गया, जिससे दोनों धड़ों के रिश्ते और अधिक तनावपूर्ण हो गए।
राज ठाकरे ने साझा किए पुराने संस्मरण
पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने पत्रकार के रूप में संजय राउत के शुरुआती सफर और संघर्षों को याद किया। उन्होंने राउत के साथ अपने 40 साल से अधिक पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के साथ राउत के पहले इंटरव्यू का एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया।
- राज ठाकरे ने बताया कि शुरुआती दौर में संजय राउत एक अन्य पत्रिका के लिए काम करते थे और शिवसेना की नीतियों पर आलोचनात्मक लेख लिखते थे।
- इन आलोचनात्मक लेखों से अक्सर शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे नाराज हुआ करते थे।
- एक इंटरव्यू के दौरान बाल ठाकरे ने राउत के लिए कुछ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिसे राउत ने बिना हटाए ज्यों का त्यों प्रकाशित कर दिया था।
- राज ठाकरे के अनुसार, बाल ठाकरे को राउत की यही निर्भीकता और ईमानदारी पसंद आई थी, जिसके चलते बाद उन्हें शिवसेना के आधिकारिक मुखपत्र ‘सामना’ का कार्यकारी संपादक बनाया गया।
इस प्रकार, यह कार्यक्रम न केवल संजय राउत की नई साहित्यिक कृति के विमोचन का गवाह बना, बल्कि महाराष्ट्र की वर्तमान और अतीत की राजनीतिक हलचल को भी एक मंच पर ले आया, जहां नेताओं ने पुराने संस्मरणों और सियासी बयानों खुलकर चर्चा की।

