पासपोर्ट सत्यापन में रिश्वत मांगने पर सब इंस्पेक्टर निलंबित:आजमगढ़ एसएसपी ने दिए थे जांच के निर्देश, 60 दिन में 30 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

आजमगढ़ में पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में निजामाबाद थाने पर तैनात सब इंस्पेक्टर मयंक कृष्ण उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है। दरोगा पर आरोप था कि पासपोर्ट सत्यापन के दौरान रिपोर्ट लगाने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। एसएसपी ने साफ कहा है कि ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता या किसी तरह की मनमानी करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पासपोर्ट सत्यापन में रिश्वत मांगने का आरोप दरअसल, निजामाबाद थाने पर तैनात सब इंस्पेक्टर मयंक कृष्ण उपाध्याय के खिलाफ पासपोर्ट सत्यापन के मामले में रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। आरोप था कि पासपोर्ट की जांच रिपोर्ट लगाने के बदले रकम मांगी गई। शिकायत सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में रिश्वत मांगने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद एसएसपी ने दरोगा के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया। एसएसपी के आदेश पर मयंक कृष्ण उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। पुलिस की छवि खराब करने पर हुई कार्रवाई अधिकारियों के मुताबिक, पुलिसकर्मी का इस तरह के मामले में शामिल होना विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाता है। इसी को देखते हुए दरोगा पर अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता के आरोप में कार्रवाई की गई है। एसएसपी की ओर से जिले के सभी पुलिसकर्मियों को भी इस मामले के जरिए साफ संदेश दिया गया है कि सरकारी काम के बदले किसी तरह की रकम मांगने या लेने की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। निजामाबाद थाने में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई निजामाबाद थाने में रिश्वतखोरी के आरोप में पुलिसकर्मी पर कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 9 मई को थाने पर तैनात रहे सब इंस्पेक्टर परमात्मा यादव के खिलाफ भी रिश्वत लेने की शिकायत सामने आई थी। परमात्मा यादव पर आरोप था कि उन्होंने मकान का निर्माण रुकवाने के लिए 10 हजार रुपये लिए थे। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। साथ ही उन्हें निलंबित भी किया गया था। बताया गया कि परमात्मा यादव ने उस समय थाने के प्रभारी राजेश कुमार सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अलावा थाने पर तैनात एक सिपाही पर अपराधियों से मिलीभगत का आरोप लगा था। शिकायत की जांच के बाद उस सिपाही को भी निलंबित कर दिया गया था। 60 दिन में 30 पुलिसकर्मी निलंबित आजमगढ़ पुलिस की ओर से पिछले कुछ समय से आर्थिक अपराध, अपराधियों से मिलीभगत और अनुशासनहीनता के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस विभाग के मुताबिक, पिछले 60 दिनों में करीब 30 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं, बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य पुलिसकर्मियों में जवाबदेही तय करने के साथ बेहतर काम करने वालों का मनोबल बढ़ाना भी है। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को दी सख्त चेतावनी एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जिले के सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया है कि वे अपने पद की जिम्मेदारी ईमानदारी और पूरी निष्ठा से निभाएं। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता या मनमानी सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Content writer specializing in creating engaging and meaningful web content. I love turning ideas into words that connect with readers.

Leave a Comment