यूपी सिख कमेटी की बैठक में अंतरजातीय विवाह पर चर्चा:प्रयागराज में हुई सातवीं बैठक, अध्यक्ष बोले-विवाद थाने न पहुंचें

प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित होटल मिलन पैलेस में रविवार को उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सातवीं बैठक हुई। प्रदेशभर की गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया। बैठक में सिख समाज की एकजुटता, शिक्षा, युवाओं के कौशल विकास, सरकारी सेवाओं में भागीदारी और सामुदायिक हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। गुरुद्वारों के विवादों को पुलिस और अदालत तक ले जाने के बजाय आपसी बातचीत से हल करने पर विशेष जोर दिया गया। कानपुर से शुरू हुआ बैठकों का सिलसिला कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि यह सातवीं बैठक है। पहली बैठक कानपुर में हुई थी, हालांकि उसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके बाद कमेटी का पंजीकरण कराया गया। दूसरी बैठक लखनऊ में हुई। इसके बाद कानपुर, आगरा, सहारनपुर, बस्ती और गोरखपुर में बैठकें आयोजित की गईं। सातवीं बैठक के लिए प्रयागराज को चुना गया। बैठक में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिनिधियों ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद की जरूरत बताई। समाज से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से निर्णय लेने पर भी चर्चा हुई। युवाओं की शिक्षा और सरकारी सेवाओं में भागीदारी पर जोर बैठक में सिख समाज के शैक्षिक विकास को लेकर चर्चा हुई। युवाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण देने और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया गया। सरकारी सेवाओं में सिख युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी प्रयास करने की बात कही गई। संचालक मनमोहन सिंह ने नई पीढ़ी से जुड़े मुद्दों को गंभीर बताया। उन्होंने अंतरजातीय विवाह और सिख परिवारों में घटती जन्म दर जैसे विषयों पर समाज के भीतर गंभीर विचार-विमर्श की आवश्यकता जताई। गुरु गोबिंद सिंह जी की छवि के अपमान के मामले पर भी चर्चा बैठक में कानपुर में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज की छवि के अपमान से जुड़े हालिया मामले पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने ऐसे मामलों में सामूहिक प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति पर विचार किया। समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में एकजुट होकर शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया देने पर जोर दिया गया। थाने-कचहरी जाने से पहले बातचीत से सुलझेंगे विवाद अध्यक्ष सरदार हरविंदर सिंह लाड ने कहा कि उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। कमेटी का उद्देश्य किसी गुरुद्वारे के प्रबंधन में सीधे हस्तक्षेप करना नहीं है। इसका प्रयास प्रदेश के सिख समाज को एक मंच पर लाना और आपसी विवादों को बातचीत से सुलझाना है। उन्होंने कहा कि कोशिश होगी कि गुरुद्वारों से जुड़े विवाद पुलिस थानों या अदालतों तक पहुंचने से पहले आपसी बातचीत के जरिए सुलझाए जाएं। बैठक में समाज की एकता, सहयोग और सामूहिक हितों को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

Content writer specializing in creating engaging and meaningful web content. I love turning ideas into words that connect with readers.

Leave a Comment