कानपुर के कल्याणपुर मे शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ-एफपीओ में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने कल्याणपुर निवासी एक व्यक्ति से 6.60 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को एक प्रतिष्ठित सिक्योरिटीज कंपनी से जुड़ा बताकर पहले शेयर बाजार से संबंधित जानकारियां देकर पीड़ित का भरोसा जीता और बाद में निवेश के नाम पर रकम फंसा दी। रुपये निकालने का प्रयास करने पर ठगों ने और धनराशि जमा करने का दबाव बनाया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर पोर्टल पर शिकायत की। कल्याणपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कल्याणपुर के अंबेडकरपुरम निवासी राजाराम शाक्यवार प्राइवेट कर्मी है राजाराम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीती 15 जून को उन्हें ‘फिनसोल स्ट्रेटेजी डिस्कशन सर्किल’ नाम के एक सामाजिक माध्यम समूह में जोड़ा गया था। समूह और उससे जुड़ी वेबसाइट के माध्यम से संचालकों ने खुद को फिनसोल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड से संबद्ध बताया। समूह में गुल टेकचंदानी और अनन्या कुलकर्णी के नाम के साथ मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए थे। पहले शेयर बाजार की जानकारी देकर जीता भरोसा राजाराम के मुताबिक, समूह में शुरुआत में शेयर बाजार में कारोबार, निवेश और उससे होने वाले संभावित मुनाफे से संबंधित जानकारियां लगातार साझा की जाती थीं। समूह में मौजूद लोगों की ओर से निवेश को लेकर इस तरह जानकारी दी गई, जिससे उन्हें आरोपियों पर विश्वास हो गया। इसके बाद उन्हें आईपीओ और एफपीओ में निवेश के नाम पर रकम लगाने के लिए प्रेरित किया गया। पीड़ित का आरोप है कि उनकी अनुमति के बिना भी उनके खाते में आईपीओ और एफपीओ में निवेश दर्शाकर करीब 6.60 लाख रुपये की धनराशि फंसा दी गई। जब उन्होंने निवेश की रकम निकालने का प्रयास किया तो रुपये वापस करने के बजाय उनसे अतिरिक्त धनराशि जमा करने के लिए कहा जाने लगा। रकम निकालने के नाम पर और पैसे मांगने लगे
लगातार अतिरिक्त रुपये जमा करने का दबाव बनाए जाने पर राजाराम को पूरे मामले में धोखाधड़ी का संदेह हुआ। उन्हें आशंका हुई कि शेयर ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर साइबर ठगी की जा रही है। इसके बाद उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही पुलिस को भी पूरे मामले की जानकारी दी। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच
एसीपी कल्याणपुर के दिलीप कुमार सिंह के ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच में आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, वेबसाइट और अन्य डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आरोपितों की पहचान करने के साथ ही रकम के लेनदेन की भी जांच कर रही है।




