संभल जिले के जनैटा गांव में तालाब ओवरफ्लो होने और नालों की निकासी बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के एक मोहल्ले में लगभग 50 घरों में दो से तीन फीट तक गंदा पानी भर गया है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के तालाब में अन्य तालाबों के साथ-साथ नरौली की ओर से आने वाला पानी भी जमा हो रहा है। कुछ समय पहले पानी की निकासी के लिए नालों का निर्माण कराया गया था, लेकिन गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने इन नालों को बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप तालाब का पानी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है और घरों में घुस रहा है। जलभराव से परेशान मकान स्वामियों और ग्रामीणों ने रविवार को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद पानी की निकासी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीण अनीस अहमद ने बताया कि यह समस्या पिछले आठ दिनों से बनी हुई है। उन्होंने लेखपाल और बीडीओ से शिकायत की, लेकिन उन्हें बताया गया कि यह उनके स्तर का मामला नहीं है और उन्हें जिलाधिकारी से संपर्क करने की सलाह दी गई। एक अन्य ग्रामीण शाहिद ने आरोप लगाया कि तालाब पूरी तरह से भर चुका है और पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि हर बारिश के साथ यह समस्या और बढ़ जाती है, और अधिकारी आते हैं लेकिन समस्या को अनदेखा कर चले जाते हैं। अब्दुल रहमान ने बताया कि घरों में दो से तीन फीट तक गंदा पानी भरने से घरेलू सामान, कपड़े, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुएं खराब हो गई हैं। जलभराव के कारण घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है, जिससे सभी को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिला मशीन का कहना है कि घर में पानी भरने से कपड़ों का नुकसान हुआ है वह कपड़े सिलने का काम करती है ₹3 से 4 लाख रुपए का नुकसान है और बर्तन निकाल लिए हैं लेकिन गैस चूल्हा वहीं रह गया है। जिलाधिकारी के नाम दी गई शिकायत में मुशाहिद अली, शरीफ, नन्हे, राहुल सागर, शाहिद खान, हनीफ अहमद, इस्लाम, यामीन, जाने आलम, मोहम्मद शमी, शरीफ, पुत्तन, धर्मवीर, जयपाल, अजय पाल, तालिब, शीशपाल, फैजान, करन सिंह आदि रहें।




