अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में आई बाढ़ में औरैया का एक अग्निवीर भी लापता है। शुक्रवार शाम अचानक आई बाढ़ से सेना के कैंप में भारी नुकसान हुआ। बाढ़ की चपेट में 5वीं ग्रेनेडियर के दो शेल्टर आए थे, जिसमें सेना के 7 जवान बह गए। दो को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि पांच अभी भी लापता हैं। अग्निवीर विनोद यादव की मां रोते-रोते बेहोश हो जा रहीं। वह बस बेटे का नाम लेकर बार-बार पुकार रही हैं। वहीं, चाचा का कहना है कि विनोद रक्षाबंधन पर घर आने वाला था। बचपन से ही उसका सपना सेना में जाने का था। हमने रोका भी, लेकिन वह नहीं माना। अग्निवीर की पहली भर्ती में मिली विनोद को नौकरी अजीतमल के सराय अमिलिया गांव में महेंद्र यादव अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और दो बेटे विनोद (26) और अभिषेक (20) हैं। उनका बड़ा बेटा विनोद यादव सितंबर 2023 में अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुआ था। मौजूदा समय में उसकी तैनाती सेना के 5वीं ग्रेनेडियर में थी। पिता महेंद्र यादव किसानी करते हैं। विनोद ने इंटर तक आर एस मेमोरियल पब्लिक स्कूल अजीतमल से पढ़ाई की। इसके बाद जनता महाविद्यालय अजीतमल से बीए किया। यहीं से एनसीसी सर्टिफिकेट लेकर कानपुर आर्मी कैंट से अग्निवीर के पहले बैच में भर्ती हुआ। जबलपुर में ट्रेनिंग की। इसके बाद अरुणाचल के दिबांग में 5वीं ग्रेनेडियर की बटालियन में तैनाती हो गई। बाढ़ में 2 शेल्टर बह गए
सेना के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार शाम दिबांग वैली के पाशु पानी आर्मी कैंप इलाके में भारी बारिश हुई, जिसके कारण अचानक बाढ़ आ गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि सेना के दो शेल्टर बह गए। इस दौरान सात जवान बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इनमें से दो जवानों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि पांच जवानों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इसमें विनोद भी थे। भाई बोला- एक दिन पहले ही बात हुई थी विनोद के लापता होने की खबर मिलते ही परिवारवालों ने उनकी प्रार्थना करनी शुरू कर दी। मां सुनीता रोते-रोते बेहोश हो जा रही हैं। शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ी तो घरवाले हॉस्पिटल लेकर गए। वह जब भी होश में आ रहीं। बस विनोद का नाम लेकर बुला रही हैं। विनोद के छोटे भाई अभिषेक ने कहा- भैया अप्रैल, 2026 में ड्यूटी पर गए थे। वह छुट्टी लेकर 8 सितंबर को वापस आने वाले थे। हमारी एक दिन पहले बात भी हुई थी कि घर आ रहे हैं। 15 तारीख की शाम 4:30 बजे एकदम पता नहीं क्या दिक्कत हुई, फोन लगा नहीं उनका। उसके बाद हेडक्वार्टर से फोन आया कि ऐसी-ऐसी घटना हो गई है। चाचा ने कहा- बचपन से ही सेना में भर्ती होना चाहिए था
चाचा सर्वेंद्र ने कहा- विनोद की बचपन से ही इच्छा थी कि वह आर्मी में जाए। भगवान ने भी उसे मौका दिया। रक्षाबंधन पर वह घर आने वाला था, लेकिन ईश्वर की पता नहीं क्या इच्छा थी, वहां ऐसा बड़ा हादसा हो गया। पूरी भारतीय सेना हमारे साथ है। वहां से हमें लगातार अपडेट मिल रही है। हम ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि वह जहां भी हो सकुशल हो। सेना की दो रेस्क्यू टीमें तलाश में जुटीं लापता जवानों की तलाश के लिए 5वीं ग्रेनेडियर की दो सर्च और रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर तैनात की गई है। सेना के जवान बाढ़ प्रभावित और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, तेज बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। विनोद के लापता होने की खबर के बाद सराय अमिलिया में हर कोई उनके लौटने की उम्मीद लगाए बैठा है। परिवार वालों की निगाहें सेना और प्रशासन से मिलने वाली हर नई सूचना पर टिकी हैं। ग्रामीण भी परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। ——————————— ये खबर भी पढ़ेंः- वाराणसी एयरपोर्ट पर गोली चली, 2 कर्मचारी घायल:यात्री पिस्टल जमा कराने पहुंचा था, तभी फायर हुआ; मुंबई जा रहा था वाराणसी एयरपोर्ट पर रविवार सुबह हथियार की जांच के दौरान एक यात्री से गोली चल गई। इससे महिला समेत दो कर्मचारी घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए न्यू लक्ष्मी ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। एयरपोर्ट निदेशक के मुताबिक, घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई। यात्री पत्नी के साथ IX-1810 फ्लाइट से मुंबई जा रहा था। यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर…


