सूरापुर क्षेत्र में नववर्ष 2026 को लेकर लोगों की travel preference में इस बार साफ बदलाव नजर आ रहा है। शिमला और मनाली जैसे hill stations के बजाय अब लोग धार्मिक स्थलों के दर्शन-पूजन कर नए साल की शुरुआत करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोग इस बार विजेथुआ महावीरन धाम, लोहरामऊ देवी मंदिर, जनवारीनाथ धाम सहित अन्य पौराणिक धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर नववर्ष मनाने की तैयारी कर रहे हैं।
विजेथुआ महावीरन धाम के पुजारी वीरु मिश्र ने बताया कि इस वर्ष नववर्ष का पहला दिन बृहस्पतिवार को पड़ रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं, मंदिर के पुजारी शनी पांडेय ने कहा कि नववर्ष के दिन बजरंगबली के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। इसे देखते हुए मंदिर समिति की ओर से विशेष श्रृंगार और व्यवस्था की जा रही है।
शहर निवासी राम अनुज ने बताया कि वे हर साल नववर्ष पर हिमाचल प्रदेश की यात्रा करते थे, लेकिन इस बार परिवार के साथ विजेथुआ धाम में दर्शन कर नए साल की शुरुआत करेंगे।
वहीं, बंधुआकला निवासी विपिन अग्रहरि ने कहा कि वे पहले मनाली जाया करते थे, लेकिन इस बार विजेथुआ और लोहरामऊ देवी मंदिर में दर्शन का निर्णय लिया है।
मंगलवार को धार्मिक स्थलों पर नववर्ष आयोजन को लेकर तैयारियां दिनभर चलती रहीं। मंदिर समितियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को लेकर आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।




