सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को उस समय अव्यवस्था की स्थिति बन गई, जब स्टेशन परिसर में निर्माण कार्य करा रही कार्यदायी संस्था ने बिना किसी पूर्व सूचना के प्लेटफॉर्म तक जाने वाला मुख्य रास्ता बंद कर दिया। अचानक हुए इस बदलाव से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए यात्रियों को अब करीब 300 मीटर लंबा वैकल्पिक और ऊबड़-खाबड़ रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे खासतौर पर महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोग परेशान दिखे।
सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 36 ट्रेनों का आवागमन होता है और करीब पांच हजार यात्री रोजाना यहां से यात्रा करते हैं। स्टेशन परिसर के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया के विस्तार का कार्य अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जीआरपी और आरपीएफ थाना होते हुए स्टेशन परिसर में प्रवेश करने वाला मुख्य मार्ग दोनों ओर से टिनशेड लगाकर बंद कर दिया गया। यात्रियों को इसकी कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई, जिससे स्टेशन पहुंचे लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
कार्यदायी संस्था की ओर से जो वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है, वह एनआरएमयू संघ भवन के पीछे से रेलवे कॉलोनी होते हुए फुट ओवरब्रिज के पास पहुंचता है। यात्रियों का कहना है कि यह रास्ता न सिर्फ लंबा है, बल्कि बेहद खराब स्थिति में है। जगह-जगह गड्ढे हैं, कीचड़ और असमतल जमीन के कारण पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। इसके अलावा, इस रास्ते से आने के बाद टिकट विंडो तक पहुंचने के लिए यात्रियों को करीब 200 मीटर और पैदल चलना पड़ रहा है।
यात्रियों ने अपनी परेशानी खुलकर बताई। शहर के निरालानगर की रहने वाली मंजू सागर कसौधन ने कहा कि स्टेशन का मुख्य रास्ता बंद होने से उनकी जैसी महिला यात्रियों के लिए मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। वैकल्पिक मार्ग पर चलना सुरक्षित नहीं लगता, खासकर जब भारी सामान साथ हो। वहीं अन्नपूर्णानगर निवासी राजकुमार ने बताया कि वह सद्भावना एक्सप्रेस से दिल्ली जाने पहुंचे थे, लेकिन ई-रिक्शा स्टेशन के पास ही उन्हें उतार गया। इसके बाद उन्हें सामान लेकर पैदल 300 मीटर तक जाना पड़ा, जिससे ट्रेन छूटने का डर भी बना रहा।
इस फैसले से सिर्फ यात्री ही नहीं, बल्कि एनआरएमयू संघ भवन आने-जाने वाले रेलवे कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। एनआरएमयू के शाखा अध्यक्ष आसिम सज्जाद ने कहा कि बिना किसी सूचना के रास्ता बंद कर दिया गया, जिससे कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों को भी असुविधा हो रही है।
मामले पर स्टेशन प्रशासन का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कार्य में तेजी आई है और कार्यदायी संस्था की ओर से सूचना दी गई थी। स्टेशन अधीक्षक बीएस मीना ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग को जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
हालांकि, यात्रियों का कहना है कि जब तक रास्ता सही नहीं होता, तब तक यह व्यवस्था उनके लिए बड़ी चुनौती बनी रहेगी।




